एक पारिवारिक झगड़े की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पति से पूछा कि आप ‘होम मेकर’ हैं लेकिन आपके पास घर बनाने के लिए कहां है? पति के खिलाफ कई मुकदमे चल रहे हैं। न्यायमूर्ति कूरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने पति-पत्नी को तलब कर उनसे सीधी बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान न्यायमूर्ति जोसेफ ने पति से सवाल किया कि आप क्या करते हैं। पति ने कहा वह होम मेकर है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, आप होम मेकर हैं, पर घर बनाने को है कहां?
इस पर न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा, आप होम मेकर हैं लेकिन आपके पास घर बनाने के लिए ही कहां है? आप वर्षों से अपनी पत्नी से लड़ रहे हैं। इसका असर आपके बच्चों पर भी पड़ रहा है। पति ने कहा कि उसने पत्नी से मनमुटाव दूर करने की हरसंभव कोशिश की लेकिन नाकाम रहा।
पीठ ने पति से कहा कि आपको काम करना चाहिए। आपको पत्नी और अपने दो बच्चों की देखभाल करने के साथ-साथ चार मुकदमे भी झेलने हैं। लिहाजा आप काम करना शुरू कीजिए। इस दौरान पत्नी ने कहा कि उसका पति विदेश में था और कमाई करता था। पति फिलहाल बेरोजगार है। पीठ ने दोनों बच्चों की कस्टडी पति को सौंपते हुए कहा कि आपको काम करना चाहिए।
पीठ ने आदेश दिया कि सभी मामलों की सुनवाई एक ही दिन और एक ही अदालत में होगी। साथ ही हर तारीख पर पत्नी को यात्रा खर्च के तौर पर पांच हजार रुपये देने का निर्देश दिया।