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Same-Gender Marriage: RSS से जुड़े महिला संगठन ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत, कही यह बात

Wed, 18 Oct 2023 04:08 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Same-Gender Marriage: आरएसएस से जुड़े महिला संगठन संवर्धिनी न्यास ने समलैंगिक विवाह पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने भारतीय परिवार और विवाह प्रणाली के प्रति सम्मान दिखाया है। 
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Same Gender Marriage- Supreme Court - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े महिला संगठन संवर्धिनी न्यास ने समलैंगिक विवाह पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि शीर्ष अदालत ने भारतीय परिवार और विवाह प्रणाली के प्रति सम्मान दिखाया है। 

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उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने मंगलवार को समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया। 

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली 21 याचिकाओं पर फैसला सुनाने वाली पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने की। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि अदालत कानून नहीं बना सकती बल्कि केवल इसकी व्याख्या कर सकती है और विशेष विवाह अधिनियम में बदलाव करना संसद का काम है।

आरएसएस से जुड़े संगठन ने मंगलवार देर रात एक बयान में कहा, 'संवर्धिनी न्यास ने समलैंगिक विवाह और गोद लेने को कानूनी मान्यता न देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है।' 

इसने आगे कहा, 'संगठन का मानना है कि उच्चतम ने यह फैसला देकर भारतीय परिवार और विवाह प्रणाली का सम्मान किया है कि विवाह के रूप में दो समलैंगिकों के बीच संबंध, पंजीकरण के लिए योग्य नहीं है। यह उनका मौलिक अधिकार भी नहीं है।'
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बयान में कहा गया है, समलैंगिकों को बच्चा गोद लेने के अधिकार से वंचित करना भी एक अच्छा फैसला है। संवर्धिनी न्यास को भरोसा है कि सर्वोच्च न्यायालय समाज के व्यापक हित में भारतीय संस्कृति और उसके मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ा रहेगा।
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