फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC: गैर पुश्तैनी भूमि अधिग्रहण में देना होगा बराबर मुआवजा, शीर्ष अदालत ने खारिज किया ग्रेटर नोएडा का वर्गीकरण

Wed, 22 Feb 2023 06:30 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा, भूमि अधिग्रहण अधिनियम में ऐसे वर्गीकरण के आधार पर अलग-अलग मुआवजे की परिकल्पना नहीं है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मुआवजे के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पुश्तैनी और गैर पुश्तैनी भूस्वामियों के वर्गीकरण को खारिज कर दिया। कहा, स्वामित्व कैसा भी हो, मुआवजा बराबर ही देना होगा।
विज्ञापन


जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा, भूमि अधिग्रहण अधिनियम में ऐसे वर्गीकरण के आधार पर अलग-अलग मुआवजे की परिकल्पना नहीं है। इसमें शामिल शरारती तत्व को हटाया जा सकता है। वहीं, पुनर्वास के उद्देश्य के लिए मुआवजे की मांग पर अधिकारियों के फैसले का शेष हिस्सा कानून के तहत मान्य रहेगा। संबंधित क्षेत्र के सभी भूस्वामियों को अनुग्रह राशि का भुगतान और बढ़ी हुई आधार राशि दी जाएगी। पीठ ने कहा, किसी तरह के अंतर के दावे को तर्कसंगत साक्ष्यों से सिद्ध करना होगा। वर्गीकरण का अधिसूचना के उद्देश्य से तर्कसंगत संबंध है तो इसे मूल कानून से वैध करार दिया जाना चाहिए। 

यह था वर्गीकरण
नोएडा प्राधिकरण ने 1998 में किए वर्गीकरण में पुश्तैनी भूस्वामियों को पुनर्वास बोनस और अधिग्रहित भूमि के 10% क्षेत्र पर दिए गए 15% मुआवजे के साथ 3 रुपये प्रति वर्ग गज के आधार से अतिरिक्त मुआवजा दिया गया था। गैर पुश्तैनी भूस्वामियों को इससे वंचित रखा गया था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी इस वर्गीकरण को लागू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें