बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 12 जुलाई 2018 को दोनों की सेवाएं इस आधार पर समाप्त कर दीं कि नियुक्ति के समय उनके पास टीईटी प्रमाणपत्र नहीं था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 12 मार्च 2024 को उनकी याचिका खारिज कर दी और बाद में एक खंडपीठ ने 1 मई 2024 को इस फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद शिक्षकों ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के उन दो सहायक शिक्षकों की बर्खास्तगी को शुक्रवार को रद्द कर दिया, जिन्हें 2018 में इस आधार पर सेवा से हटा दिया गया था कि उन्होंने अपनी नियुक्ति के समय तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण नहीं की थी। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि बर्खास्त शिक्षकों ने बाद में वैधानिक अनुग्रह अवधि के भीतर टीईटी उत्तीर्ण कर लिया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहत देने से किया था इनकार
देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने उमाकांत और एक अन्य शिक्षक की इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील स्वीकार कर ली जिसमें उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया गया था। फैसले में कहा गया, हमारा मानना है कि हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश का हस्तक्षेप न करना और हाईकोर्ट की खंडपीठ की तरफ से इसकी पुष्टि करना गलत है, क्योंकि टीईटी उत्तीर्ण करने की आवश्यकता 31 मार्च, 2019 तक पूरी होनी थी। तब तक अपीलकर्ताओं ने निर्विवाद रूप से टीईटी उत्तीर्ण कर ली थी। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को शिक्षकों को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया।
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'शिक्षकों ने समय के अंदर हासिल की थी अनिवार्य योग्यता'
कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों ने बच्चों के निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई अधिनियम) के तहत निर्धारित विस्तारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य योग्यता हासिल कर ली थी। जुलाई 2011 में जारी एक विज्ञापन के आधार पर अपीलकर्ताओं का चयन ज्वाला प्रसाद तिवारी जूनियर हाई स्कूल, भौती, कानपुर नगर में सहायक अध्यापक के रूप में हुआ था। वे 17 मार्च, 2012 को सेवा में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश में पहली बार टीईटी परीक्षा 13 नवंबर, 2011 को आयोजित की गई थी। एक अपीलकर्ता ने नवंबर 2011 में इसे पास किया, जबकि दूसरे ने मई 2014 में।
टीईटी प्रमाणपत्र न होने पर बीएसए ने समाप्त की सेवाएं
इस मामले में फैसला सुनाते वक्त सीजेआई बीआर गवई ने कहा, हम यह समझने में असफल रहे कि अपीलकर्ताओं को उनकी बर्खास्तगी की तारीख पर अयोग्य कैसे कहा जा सकता है... जबकि निर्विवाद रूप से उन्होंने 24 मार्च, 2014 तक टीईटी पास कर लिया था।