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उन्नाव कांड: पीड़िता के परिजनों के खिलाफ दर्ज 20 मामलों की स्थिति रिपोर्ट नहीं लेगा सुप्रीम कोर्ट

Tue, 13 Aug 2019 04:29 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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उन्नाव दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पीड़िता और उसके के परिजनों के खिलाफ दर्ज 20 मामलों की स्थिति रिपोर्ट के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश देने से इनकार कर दिया। न्यायाधीश दीपक गुप्ता और बीआर गवई की पीठ ने कहा कि वे उनके (पीड़िता व परिजन) खिलाफ राज्य में दर्ज अन्य मामलों में दखल नहीं देना चाहते हैं। 

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इस मामले में एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली में एक विशेष अदालत के सामने चार मामलों की सुनवाई दिन प्रतिदिन के आधार पर हो रही है। इन मामलों को दिल्ली स्थानांतरित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह 19 अगस्त को फिर से उन्नाव मामले में सुनवाई करेगी। 

बता दें कि चार आपराधिक मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित किया था और रोजाना ट्रायल आयोजित करने के साथ 45 दिन में सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। इनमें साल 2017 में हुआ उन्नाव दुष्कर्म कांड, पीड़िता के पिता के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज फर्जी मामला, पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत और महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले थे। तीस हजारी जिला अदालत में जिला जज धर्मेश शर्मा की अदालत में ये ट्रायल हो रहे हैं। 
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इस मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर साल 2017 में एक महिला से दुष्कर्म करने का आरोप है। दुष्कर्म के वक्त महिला नाबालिग थी। बीते दिनों की एक हादसे का शिकार हुई पीड़िता फिलहाल जिंदगी के लिए जंग लड़ रही है। यह हादसा तब हुआ जब वह अपने वकील और परिजनों के साथ कार से जा रही थी, गाड़ी की भिड़ंत एक ट्रक से हो गई थी। हादसे में कार सवार दो महिलाओं की मौत हो गई थी और पीड़िता बुरी तरह घायल हो गई थी।

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