मथुरा में कृष्णजन्म भूमि के पास रेलवे के विध्वंस अभियान पर रोक लगाने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। मामले में सुनवाई के लिए सर्वोच्च अदालत ने तारीख तय कर दी है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के लिए आश्वशत किया है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने याचिकाकर्ता को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 16 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगी।
यह है पूरा मामला
वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि मामला उत्तर प्रदेश में कृष्ण जन्मभूमि के पास बस्तियों को गिराए जाने से जुड़ा है। वे 1800 के दशक से वहां हैं। विध्वंस के नोटिस के खिलाफ एक निषेधाज्ञा मुकदमा लंबित था। दुर्भाग्य से उच्च न्यायालय बंद है। उन्होंने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया कि मामले को आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
नौ अगस्त को शुरू हुआ विध्वंस
सुप्रीम कोर्ट में समक्ष पेश याचिका में याचिकाकर्ताओं ने रेलवे अधिकारी मथुरा द्वारा ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं ने सिविल कोर्ट के सीनियर डिवीजन, मथुरा, उत्तर प्रदेश के समक्ष एक सिविल मुकदमा दायर किया। लेकिन इसी बीच नौ अगस्त 2023 को विध्वंस शुरू हो गया। इसके अगले ही दिन 10 अगस्त को चुनौती दी गई। कोर्ट में रेलवे की ओर से पेश अधिवक्ता ने 10 अगस्त को कहा था कि उनके पास विध्वंस का कोई निर्देश नहीं है। बता दें, इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को सभी अदालती कार्यवाही निलंबित कर दी गई थीं। एक वकील को गोली लगने के कारण बार काउंसिल ने एक प्रस्ताव पारित किया।