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सेवाओं के नियंत्रण पर अध्यादेश: SC ने दिल्ली सरकार की याचिका पर केंद्र को जारी किया नोटिस, अगली सुनवाई 17 को

Mon, 10 Jul 2023 03:34 PM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।

सार

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने सरकार को नोटिस जारी किया और आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी से अपनी याचिका में संशोधन करने और मामले में उपराज्यपाल को पक्ष के रूप में जोड़ने को कहा।
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सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में नौकरशाही पर नियंत्रण के लिए लाए गए केंद्र सरकार के अध्यादेश को केजरीवाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नौकरशाहों पर नियंत्रण से संबंधित केंद्र द्वारा जारी अध्यादेश की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

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मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने सरकार को नोटिस जारी किया और आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी से अपनी याचिका में संशोधन करने और मामले में उपराज्यपाल को पक्ष के रूप में जोड़ने को कहा।

पीठ ने मामले की सुनवाई 17 जुलाई को तय करते हुए कहा- हम नोटिस जारी करेंगे। आप नीत सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि यह कार्यकारी आदेश मनमाना है जो शीर्ष अदालत और संविधान की मूल संरचना को दरकिनार करने का प्रयास करता है। दिल्ली सरकार ने अध्यादेश को रद्द करने के साथ ही इस पर अंतरिम रोक लगाने का भी अनुरोध किया है।
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बता दें कि दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट बीते सप्ताह तैयार हुआ था। दिल्ली सरकार ने अध्यादेश आने के तुरंत बाद ही कह दिया था कि वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। 

 


क्या है केंद्र का अध्यादेश?
केंद्र सरकार के अध्यादेश के तहत दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर और तैनाती से जुड़ा आखिरी फैसला लेने का हक उप राज्यपाल (एलजी) को दिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश, 2023 के तहत दिल्ली में सेवा देने वाले दानिक्स कैडर के ग्रुप ए के अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण गठित होगा। 

अध्यादेश के तहत किया गया प्राधिकरण का गठन
इस प्राधिकरण के तीन सदस्य होंगे। जिनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली के गृह प्रधान सचिव होंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री को इस प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। दानिक्स कैडर में दिल्ली, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, दमन एंड दीव, दादरा एंड नागर हवेली सिविल सर्विस के अधिकारी शामिल किए जाते हैं। हालांकि अधिकारियों के तबादले और तैनाती का आखिरी फैसला उपराज्यपाल का ही होगा। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अध्यादेश लाई थी सरकार
गौरतलब है कि दिल्ली की आप सरकार आरोप लगाती रही है कि केंद्र सरकार एलजी के माध्यम से उसे काम नहीं करने देती है। आप सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जहां सुप्रीम कोर्ट ने बीती 11 मई को दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला दिया और साफ किया था कि दिल्ली सरकार ही दिल्ली के नौकरशाहों के तबादले और उनकी तैनाती कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आम आदमी पार्टी ने अपनी जीत बताया था, लेकिन उनकी ये खुशी ज्यादा दिन नहीं रही क्योंकि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश, 2023 ले आई। 

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