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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट में सरकारी नुमाइंदों को शामिल करने की मांग

Fri, 04 Dec 2020 11:26 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए ‘इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन’ में राज्य और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों को नामित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

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न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की अगुवाई वाली पीठ ने दो अधिवक्ताओं की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में कहा गया था कि कोष के सही प्रबंधन के लिए निजी लोगों और राज्य सुन्नी बोर्ड के सदस्यों के अलावा केन्द्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी है।


याचिका के अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मस्जिद बनाने के लिए दी गई पांच एकड़ जमीन में एक मस्जिद, सांस्कृतिक एवं अनुसंधान केंद्र, सामुदायिक रसोई, एक अस्पताल और एक पुस्तकालय सहित जन उपयोगी केंद्र के निर्माण के लिए ‘इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन’ नाम से एक न्यास बनाने की घोषणा 29 जुलाई 2020 को की थी।
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याचिका में कहा गया कि इसमें सरकार के किसी अधिकारी को नामित करने का कोई प्रावधान नहीं है, जैसा केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए न्यास में होता है। याचिका में कहा गया कि उम्मीद है कि सैकड़ों लोग ‘इस्लामिक ट्रस्ट’ स्थल पर जाएंगे और इसे भारत के साथ ही विदेशों से भी कोष मिलेगा, इसलिए कोष का और न्याय की संपत्तियों का सही प्रबंधन होना चाहिए।

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