फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा हिंसा मामला: 'हाईकोर्ट जाइए, यहां पहले ही 93000 केस लंबित', शीर्ष कोर्ट का छात्रा को जमानत देने से इनकार

Fri, 08 May 2026 02:11 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हिंसा मामले में गिरफ्तार छात्रा को जमानत देने से इनकार करते हुए हाई कोर्ट जाने को कहा और लंबित मामलों का हवाला दिया। यह मामला 13 अप्रैल के मजदूर आंदोलन से जुड़ा है जो बाद में हिंसक हो गया था। कोर्ट ने प्रताड़ना के आरोपों वाली याचिका पर पुलिस अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएं।
विज्ञापन


शीर्ष कोर्ट ने क्या कहा?
पीठ ने कहा, आप हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहां आता है। सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार मामले पहले से ही  लंबित हैं। 

पुलिस अधिकारियों को भी नोटिस
आकृति चौधरी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए और जमानत की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि आकृति चौधरी दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा हैं। शीर्ष कोर्ट ने केशव आनंद नाम के व्यक्ति की याचिका पर पुलिस अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन


नोएडा की कोर्ट ने दी पुलिस रिमांड की अनुमति
नोएडा की एक कोर्ट ने पहले तीन महिलाओं आकृति चौधरी, मनीषा चौहान और सृष्टि गुप्ता की शर्तों के साथ पुलिस रिमांड की अनुमति दी थी। इन पर 13 अप्रैल के औद्योगिक मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान उनके वकीलों को मौजूद रहने की अनुमति होगी।

ये भी पढ़ें: लखीमपुर हिंसा मामला: गवाहों की गैरहाजरी पर सुप्रीम कोर्ट नाराज; ट्रायल कोर्ट को दिए ये निर्देश, जानें सबकुछ

कौन हैं तीनों छात्राएं?
  • आकृति चौधरी और सृष्टि गुप्ता दोनों दिल्ली की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 20 के आसपास है।
  • चौधरी ने दौलत राम कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर किया है, जबकि मनीषा नोएडा की एक औद्योगिक इकाई में काम करती हैं।
  • पुलिस ने हिरासत के लिए दायर आवेदन में कहा था कि आरोपियों के घर से अहम साक्ष्य मिलने की पूरी संभावना है। 
विज्ञापन

मामला क्या हुआ था?
नोएडा में पिछले महीने फैक्टरी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, कई औद्योगिक इकाइयों के मजदूर लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। हालांकि, यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया क्योंकि कुछ लोगों ने कथित तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पत्थर फेंके और एक वाहन में आग लगा दी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें