ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (फाइल फोटो)
उच्चतम न्यायालय ने ओडिशा की राज्य सरकार से पुरी के जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में किसी भी अनाधिकृत निर्माण को हटाने से पहले धार्मिक गुरु, शंकराचार्य और अन्य पुजारियों और सभी हितधारकों के साथ परामर्श लेने के लिए कहा।
12वीं सदी के इस मंदिर की सुरक्षा के लिए मंदिर के 75 मीटर के दायरे में सभी ढांचों को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस फैसले को कुछ दिनों पहले ही राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिली थी। अवैध निर्माण हटाने वाली दो याचिकाओं को अदालत ने 27 अगस्त को खारिज कर दिया था।
इससे पहले अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एमिकस क्यूरी रणजीत कुमार से कहा था कि वह पुरी जगन्नाथ मंदिर जाएं और मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अनधिकृत निष्कासन अभियान की स्थिति की जांच करें। अदालत ने दोनों से यह भी कहा था कि वह इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट भी दाखिल करें।