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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, 'क्या अधिकारी दफ्तर में सिर्फ कॉफी पीने के लिए आते हैं'

Sun, 01 May 2016 06:11 AM IST
राजीव सिन्हा/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • शीर्ष अदालत ने कहा कि जब सरकार को कोई जगाएगा क्या तब वह जागेगी
  • प्रदूषण सभी लोगों को प्रभावित कर रहा है और सरकार कुछ नहीं कर रही है
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सुप्रीम कोर्ट
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विस्तार
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प्रदूषण को लेकर गंभीरता न दिखाने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने सरकार से कहा कि क्या अधिकारी बैठने या कॉफी पीने के लिए दफ्तर आते हैं। क्या सरकार को कोई जगाएगा तब वह जागेगी।
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चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से कहा कि अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि विदेशों में प्रदूषण को कम करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। पीठ ने कहा कि प्रदूषण सभी लोगों को प्रभावित कर रहा है और सरकार कुछ नहीं कर रही है। पीठ ने कहा कि क्या जब अदालत कोई आदेश पारित करेगी तब सरकार हरकत में आएगी। कोई दूसरा उपाय बताएगा क्या तब सरकार काम करेगी? सरकार को खुद से भी प्रयास करना चाहिए।

अधिकारियों को देश - दुनिया में प्रदूषण को लेकर क्या चल रहा है, इस पर नजर रखना चाहिए। क्या अधिकारी दफ्तर सिर्फ बैठने के लिए कॉफी पीने आते हैं। वास्तव में वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने बताया कि वाहनों में ‘कैटलिस्टिक कनवर्टर’ के इस्तेमाल से प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि कई देशों में ऐसा हो रहा है। उन्होंने अमेरिका के केलिफोर्निया सहित कई अन्य जगहों पर इसके इस्तेमाल का उदाहरण भी दिया। इस प्रस्ताव पर मंत्रालय की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने कहा कि हम मिलकर इस प्रस्ताव पर विचार करेंगे। यह देखने का प्रयास किया जाएगा कि यह कितना कारगर होगा।
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उन्होंने कहा अगर यह उपयोगी होगा तो इसकेलिए अगर जरूरी संशोधन करना पड़ेगा तो किया जाएगा। एएसजी ने कहा कि बेहतरी के लिए जो भी करना होगा, सरकार वह जरूर करेगी। एएसजी के इन दलीलों पर पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर सरकार क्या कर रही है। क्या सरकार तब ही
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काम करेगी जब वेणुगोपाल उन्हें कोई जानकारी देंगे।
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