सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को इस महीने के अंत में विदेश यात्रा करने की अनुमति दे दी है, जो आपराधिक मामलों में आरोपों का सामना कर रहे हैं। इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आवेदक को उन्हीं नियमों और शर्तों पर विदेश यात्रा करने की अनुमति है जो अदालत ने पहले लगाई थीं और वह उस आदेश में बताए गए सभी शर्तों का पालन करेगा। चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कार्ति के विदेश यात्रा की अनुमति आवेदन के बारे में पीठ को बताया।
ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेंच से कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और आवेदक को अदालत द्वारा पहले से लगाए गए नियमों और शर्तों के अधीन विदेश यात्रा करने की अनुमति दी जा सकती है।
कपिल सिब्बल ने पिछले साल 25 अक्टूबर को शीर्ष अदालत के उस आदेश का जिक्र किया जिसमें कार्ति चिदंबरम को यह कहते हुए विदेश यात्रा करने की इजाजत दी गई थी कि वह फरवरी में अदालत द्वारा पहले बताई गई शर्तों का पालन करेंगे और एक करोड़ रुपये जमा करेंगे।
कांग्रेस नेता पर एयरसेल-मैक्सिस सौदे और आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी से संबंधित आपराधिक मामलों का सामना करना पड़ रहा है। जब उनके पिता पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे, तब कार्ति को कथित रूप से 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन मिला था। हालांकि ,कार्ति और उनके पिता ने सभी आरोपों से इनकार किया है।