भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने शुक्रवार को सफाई पेश करते हुए कहा है कि किंगफिशर से जुड़े लोन डिफॉल्ट केस में उसकी ओर से निपटने में कोई ढील नहीं बरती गई।
बैंक का यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि शराब कारोबारी विजय माल्या के विदेश भागने से रोकने के लिए कर्ज देने वाले बैंकों को सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन बैंकों ने माल्या के देश छोड़ने के चार दिन बाद सर्वोच्च अदालत का रुख किया।
बैंक ने जारी बयान में कहा है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया किंगफिशर सहित लोन डिफॉल्ट केस में उसकी ओर से निपटने में ढील की खबरों का खंडन करता है। बैंक ने रकम वापसी के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले माल्या ने एक खुला पत्र लिखकर कहा था कि बैंकों ने उसकी कंपनी की वित्तीय स्थिति जानने के बावजूद उसे लोन दिया था।