नए साल के मौके पर देश की सबसे बड़ी बैंक एसबीआई ने जनता को सस्ते कर्ज का तोहफा दिया है। एसबीआई का यह फैसला शनिवार को पीएम मोदी के उस आह्वान के बाद तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया जिसमें उन्होंने बैंकों से और ज्यादा जन हितैषी होने की बात कही थी। पीएम मोदी ने बैंकों से अपनी पारंपरिक प्राथमिकता बदलते हुए गरीबों, निम्न मध्य वर्ग और मध्य वर्ग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया था। एसबीआई ने रविवार को विभिन्न अवधि वाले ऋणों के लिए मुख्य ब्याज दर एमसीएलआर में 0.9 फीसदी कटौती कर दी। इस कदम के बाद उम्मीद की जा रही है कि दूसरे बैंक भी दरों में इसी तरह से कटौती करेंगे।
बैंक ने एक बयान में कहा कि एक साल की अवधि के लिए एमसीएलआर 8.90 फीसदी से घटाकर आठ फीसदी कर दिया गया है।
एक, तीन और छह महीने की अवधि के लिए भी एमसीएलआर 0.9 फीसदी घटाई गई है। इतनी ही कटौती के साथ दो साल और तीन साल की अवधि के लिए नई एमसीएलआर क्रमश: 8.10 फीसदी और 8.15 फीसदी कर दी गई है। एमसीएलआर की समीक्षा हर महीन की जाती है। जून से बैंकों ने आधार दर प्रणाली छोड़कर मुख्य कर्ज दर के रूप में एमसीएलआर को अपना लिया है।