वर्ष 1995 से समुद्री मार्ग से बंद हुई
हज यात्रा जल्द ही दोबारा शुरू होगी। इससे संबंधित भारत के प्रस्ताव पर सऊदी अरब ने सहमति की मुहर लगा दी है। दोनों देशों ने समुद्री मार्ग से हज यात्रा से जुड़े तकनीकी पहलुओं और आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने पर भी सहमति दी है। समुद्री मार्ग से हज यात्रा में हवाई मार्ग से यात्रा की तुलना में महज 35 से 40 फीसदी ही खर्च आएगा।
सऊदी अरब के हज मंत्री डा मुहम्मद सालेह बिन ताहेर वेन्तेन के साथ हज यात्रा के संदर्भ में द्विपक्षीय बातचीत के बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कई लोग चाह कर भी हज यात्रा की मुराद पूरी नहीं कर पाते थे। अब इस आशय के समझौते के बाद आर्थिक तंगी का सामना करने वाले लोग भी अपनी हज यात्रा की इच्छा पूरी कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र की सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत थी। सऊदी के हज मंत्री से बातचीत के पहले नकवी ने सड़क-जलमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से विस्तृत बातचीत कर समुद्री मार्ग से हज यात्रा की रूपरेखा तैयार की थी।
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पहले से कम समय और कम खर्च में यात्रा
बकौल नकवी वर्ष 1995 तक समुद्री मार्ग से जेद्दा पहुंचने में 12 से 15 दिन लगते थे। अब इसके लिए महज 3 से 4 दिन लगेंगे। कई जहाज एक साथ 4000 से 5000 यात्रियों को ले जाने में सक्षम हैं। ऐसे में हज यात्रियों को किराए के लिए भी बेहद कम रकम चुकानी होगी।
अकेली महिला के लिए महिला हज सहायक
बिना मेहरम (पुरुष) के हज यात्रा करने वाली महिलाओं केलिए इस बार मंत्रालय ने खास इंतजाम किए हैं। इनके रहने और यातायात की अलग व्यवस्था होगी। इसके अलावा इनकी मदद के लिए महिला हज सहायकों की नियुक्ति होगी।