पुलवामा हमले को लेकर किया था खुलासा
पूर्व राज्यपाल के ओएसडी रहे केएस राणा ने बताया, सरकार है कुछ भी कर सकती है। सीबीआई रेड, मलिक साहब को परेशान करने के अलावा कुछ नहीं है। सत्यपाल मलिक के सहयोगियों एवं रिश्तेदारों तक से पूछताछ हो चुकी है। जांच में कुछ निकल नहीं रहा। हैरानी की बात तो ये है कि जिस केस में खुद मलिक साहब की शिकायतकर्ता हैं, उन्हें ही झूठे केस में फंसाने की तैयारी हो रही है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि किसी भी तरह से मलिक साहब और उनके सहयोगियों को दोषी साबित किया जाए। सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमले को लेकर जो खुलासा किया था, उसके बाद से ही वे सरकार के निशाने पर आ गए थे। उसके बाद मलिक ने जंतर मंतर पर महिला पहलवानों का समर्थन किया, तो सरकार उनसे और ज्यादा खुन्नस रखने लगी। इसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का मंत्र दे दिया। उन्होंने किसानों का लगातार समर्थन किया है। इस बार भी मलिक ने किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था।
करीब ढाई घंटे तक थाने में बैठे रहे मलिक
जम्मू-कश्मीर सहित चार प्रदेशों के राज्यपाल रहे 'सत्यपाल मलिक', गत वर्ष करीब ढाई घंटे तक दिल्ली के आरके पुरम पुलिस थाने में बैठे रहे थे। पुलिस ने साफ कर दिया था कि पूर्व राज्यपाल को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मलिक के समर्थकों का दावा था कि हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई खापों के प्रतिनिधि आरके पुरम थाने के बाहर एकत्रित हुए थे। उन प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी थी कि केंद्र सरकार ने अगर मलिक के साथ कुछ भी गलत करने का प्रयास किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सर्वजातीय कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने कहा था, मलिक ने निडर होकर देश, समाज, किसान, गरीब और मजदूर तबके के हित में आवाज उठाई है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने जैसा साहसिक कार्य उन्हीं के राज्यपाल रहते हुए पूरा हुआ था। सभी खाप व किसान जत्थेदारी, सत्यपाल मलिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।