महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में इस बार मतदाताओं का गुस्सा बैलेट बॉक्स में पड़ी पर्चियों के जरिए भी सामने आया। एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार प्रतापसिंह पाटिल ने एनसीपी के मौजूदा एमएलसी सतीश चव्हाण को 18,124 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर किया। जीत के बाद पाटिल ने दावा किया कि कुछ मतदाताओं ने वोट डालने के साथ पर्चियों पर अपना गुस्सा भी जाहिर किया। इनमें एक पर्ची पर लिखा था, ‘सतीश भाई, अब बस हो गया, खेल खत्म।’
18 हजार से ज्यादा वोटों से मिली जीत
औरंगाबाद ग्रेजुएट्स सीट पर प्रतापसिंह पाटिल को कुल 85,876 वोट मिले, जबकि सतीश चव्हाण को दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद 67,752 वोट हासिल हुए। पाटिल ने चव्हाण को 18,124 वोटों से पीछे छोड़ दिया। हालांकि, जीत के लिए तय 88,558 वोटों का कोटा कोई भी उम्मीदवार पूरा नहीं कर पाया, लेकिन सबसे ज्यादा वोट मिलने के कारण पाटिल विजेता बने।
कम समय में 76 तालुकों तक पहुंचे पाटिल
जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में पाटिल ने कहा कि उम्मीदवार की घोषणा होने के बाद उन्हें प्रचार के लिए सिर्फ 12 से 15 दिन मिले थे। इस दौरान उन्होंने 76 तालुकों का दौरा किया और अगले छह साल के लिए अपना विजन मतदाताओं के सामने रखा। उन्होंने कहा कि जब लोगों को लगता है कि उनकी बात और जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो वे चुनाव में इसका जवाब देते हैं।
बैलेट बॉक्स में पर्चियां छोड़कर जताई नाराजगी
पाटिल ने बताया कि मतदाताओं ने बैलेट बॉक्स में कई पर्चियां डालकर अपना संदेश दिया। हालांकि, उन्होंने इन पर्चियों के बारे में ज्यादा जानकारी देने से परहेज किया। एक पर्ची का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस पर लिखा था, ‘सतीश चव्हाण भाई, अब बस हो गया, खेल खत्म।’ पाटिल ने इसे मतदाताओं की नाराजगी का संकेत बताया।
एमवीए नेताओं ने मिलकर किया प्रचार
पाटिल ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं और ग्रेजुएट मतदाताओं का आभार जताया। एमवीए में एनसीपी (एसपी), कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं। खास बात यह रही कि शिवसेना (यूबीटी) का उम्मीदवार भी मैदान में था। पाटिल ने इस मुकाबले को दोस्ताना लड़ाई बताया और कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने आखिरी समय तक सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन सकी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पोस्टर और घोषणापत्र में उद्धव ठाकरे की तस्वीर थी और मतदाताओं ने उम्मीदवार की योग्यता देखकर वोट दिया।
ये भी पढ़ें:
एमएलसी चुनाव: कांग्रेस का पीएम पर तंज- प्रवचनमंत्री को आत्मविश्लेषण की जरूरत; पूछा- वाराणसी-नागपुर कैसे हारे
पांच सीटों पर किसे मिली जीत?
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव में महायुति के सहयोगी बीजेपी और शिवसेना ने एक-एक सीट जीती, जबकि बाकी तीन सीटें एमवीए के खाते में गईं। इनमें नागपुर की सीट भी शामिल है, जहां मुकाबला काफी करीबी रहा। पुणे और नागपुर की ग्रेजुएट्स सीटों के साथ छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट्स, पुणे टीचर्स और अमरावती टीचर्स सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में 72.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया और नतीजे 28-29 अक्टूबर को घोषित हुए।