प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यूपी के बलरामपुर में आयोजित कार्यक्रम में सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया। सरयू नहर परियोजना का सपना आखिरकार 43 साल बाद साकार हो रहा है। करीब 808 किमी लंबी इस नहर योजना से गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती समेत नौ जिलों के किसानों को लाभ होगा। इससे लाखों किसानों को फायदा होगा। यह परियोजना पांच नदियों घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को मिलाकर बनाया गया है। इस परियोजना का मुख्य भाग गोंडा है। जिले में बहराइच के रास्ते गोंडा से आई दो मुख्य नहरों से 45 नहरें निकाली जा चुकी हैं।
किसानों को किस तरह की मदद मिलेगी
इस परियोजना से क्षेत्र के नौ जिलों में लगभग 29 लाख किसानों को 14.5 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करने में मदद मिलेगी। 6,623 किलोमीटर की नहर प्रणाली जो 318 किलोमीटर की मुख्य नहर से जुड़ी है। यह बहराइच से गोरखपुर तक नौ जिलों में फैली हुई है और घाघरा, सरयू, राप्ती और रोहिणी जैसी नदियों को जोड़ती है। इस परियोजना से बस्ती में 4.20 लाख हेक्टेयर और गोंडा में 3.96 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा है कि यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाएगी क्योंकि इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।