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सीएम सोनोवाल बोले- असम के हितों की रक्षा के बिना मुख्यमंत्री बने रहना बेमतलब

Sun, 13 May 2018 07:19 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गुवाहटी
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फाइल फोटो
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असम के मुंख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि अगर वे राज्य के लोगों के हितों की रक्षा करने में नाकाम रहते हैं तो मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की कोई वजह नहीं है। वे नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 पर संयुक्त संसदीय समिति के दौरे के बाद उपजी परिस्थिति पर बीती रात यहां प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के संपादकों से बातचीत कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि अगर राज्य व इसके लोगों के हित सुरक्षित नहीं हैं तो उनका मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहना बेमतलब है। उन्होंने दावा किया कि सरकार असम के लोगों के हितों की रक्षा के लिए कृतसंकल्प है।

ध्यान रहे कि उक्त विधेयक में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को छह साल तक रहने के बाद बिना किसी वैध कागजात के ही भारतीय नागिरकता देने का प्रावधान है। सोनोवाल ने कहा कि वे राज्य के लोगों की राय से ही इस मुद्दे पर कोई फैसला लेंगे। हम ऐसा कोई फैसला नहीं लेंगे दो असम के लोगों के हितों के खिलाफ हो।
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ध्यान रहे कि इस मुद्दे पर ब्रह्मपुत्र व बराक घाटी के लोग दो-फाड़ हैं। ब्रह्मपुत्र घाटी के लोग उक्त विधेयक का विरोध कर रहे हैं। लेकिन बराक घाटी के लोग इसके समर्थन में हैं। सोनोवाल ने लोगों से शांत रहने और सरकार के प्रति भरोसा बनाए रखने की अपील की। भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में 16-सदस्यीय संसदीय समिति ने सात से नौ मई तक राज्य के विभिन्न इलाकों का दौरा किया था।

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