भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले की निरीक्षण रिपोर्ट साझा करने से इनकार कर दिया है। आरबीआई ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून का हवाला देते हुए कहा कि इससे जांच प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। रिजर्व बैंक ने आरटीआई आवेदन पंजाब नेशनल बैंक को सौंप दिया है।
गौरतलब है कि गीतांजलि जेम्स के प्रवर्तक नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने पीएनबी को 13 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया। कई अन्य जांच एजेंसियों के साथ ही आरबीआई ने भी मामले की विस्तृत पड़ताल की थी, ताकि दोनों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जा सके।
आरबीआई नहीं करता बैंकों का ऑडिट
आरटीआई आवेदन के जवाब में केंद्रीय बैंक ने कहा कि आरबीआई बैंकों का ऑडिट नहीं करता है, बल्कि जोखिम के आधार पर बैंकों की निगरानी और निरीक्षण करता है। आरबीआई ने 2007 से 2017 के बीच पीएनबी मुख्यालय में किए गए सालाना निरीक्षण की तारीखों की जानकारी उपलब्ध करा दी है। हालांकि, इसमें 2011 के सालाना निरीक्षण का ब्योरा नहीं दिया गया है।
आरटीआई कानून में कुछ जानकारी नहीं देनी की छूट
केंद्रीय बैंक ने निरीक्षण रिपोर्ट और उसमें दर्ज आपत्तियों की जानकारी देने से इनकार कर दिया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि आरटीआई कानून की धारा 8 (1)(ए), (डी), (जे) और (एच) के तहत यह सूचना नहीं दी जा सकती। आरटीआई की धारा 6 (3) के तहत निरीक्षण रिपोर्ट की जानकारी देने के लिए आवेदन पीएनबी को सौंप दिया गया है।