विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े संतों की उच्चाधिकार समिति की बैठक में शुक्रवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी दिखाई दी। कई संतों का कहना था कि राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार ने कानून बनाने तक की पहल तक नहीं की।
सूत्रों के अनुसार, संतों का कहना था कि सर्वोच्च न्यायालय से भी मंदिर विवाद में जल्द निर्णय की उम्मीद खत्म हो गई है, ऐसे में संतों को इस मामले में सरकार के समक्ष अपना रुख साफ कर देना चाहिए। कई संतों ने कहा कि केंद्र सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में हिंदुत्व से जुड़े सभी अहम मुद्दों मसलन राम मंदिर, अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में विमर्श तक नहीं किया गया।