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संसद टीवी: सियासत से ‘दूर’ लोकतंत्र का ‘दर्शन’, सरकारी चैनल में विपक्ष मेजबान

प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Thu, 16 Sep 2021 04:51 PM IST

सार

कल लॉन्च हुए संसद टीवी पर विपक्ष के नेता शशि थरूर और प्रियंका चतुर्वेदी को होस्ट बनने का मौका मिला है। थरूर लोकसभा के विपक्षी सदस्य हैं और चतुर्वेदी राज्यसभा से। ‘अमर उजाला डिजिटल’ ने संसद टीवी पर कार्यक्रम होस्ट करने वाली शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से उनकी राय और कई सांसदों से उनकी प्रतिक्रिया जानी। 
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी - फोटो : Amar Ujala
लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी को मिलाकर बनाए गए संसद चैनल की शुरुआत बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। चैनल में कुछ मौजूदा और पूर्व सांसदों को भी कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए कहा गया है। जिसमें कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, पूर्व सांसद और कांग्रेस के दिग्गज नेता कर्ण सिंह और शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी शामिल हैं।

जहां थरूर को प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ ‘टू द प्वाइंट’ कार्यक्रम की मेजबानी करने को कहा गया है वहीं चतुर्वेदी अपने शो ‘मेरी कहानी’ में महिला सांसदों का साक्षात्कार कर रही हैं। हालांकि, दोनों शो राजनीति की चर्चा से दूर रहेंगे। वहीं कर्ण सिंह को धर्म पर आधारित कार्यक्रम नाम एकम सत (सत्य एक है) के सूत्रधार होंगे। थरूर ने ट्वीट कर अपने प्रोग्राम का प्रोमो जारी किया है। इस कार्यक्रम में थरूर प्रसिद्ध सांस्कृतिक हस्तियों का साक्षात्कार कर रहे हैं।

 
बताया गया कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जब संसद टीवी के 'टू द पॉइंट' की एंकरिंग के लिए सहमत हुए तो इसके एक प्रचार वीडियो को सप्ताहांत में विजय चौक और राजपथ पर फिल्माया गया। जिसकी पृष्ठभूमि में नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें थीं। सप्ताहांत होने के कारण, सड़कों पर भीड़ कम थी, लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों और राहगीरों ने जब थरूर को देखा तो उनकी लोकप्रियता के कारण शूटिंग में कई समस्याएं खड़ी हो गई थीं। लोग तिरुवनंतपुरम के इस सांसद के साथ ऑटोग्राफ लेने और सेल्फी लेने के लिए आतुर थे। 

मिली जानकारी के मुताबिक नए चैनल में शो करने के लिए और मौजूदा सांसदों को बुलाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक “कुछ ऐसे शो हैं जिन्हें विशेष रूप से संसद सदस्यों को ही मेजबानी का मौका मिलेगा। कुछ कार्यक्रम की रूपरेखा इस तरह बनाई जा सकती है कि जहां एक सांसद एक एपिसोड करेंगे वहीं दूसरे सांसद दूसरे एपिसोड में दिखाई देगें। इस तरह से अधिक से अधिक सांसदों को कार्यक्रम प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा, जिसमें विपक्ष के सांसद भी होंगे। 

विपक्षी नेताओं को संसद टीवी पर कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए दिए गए मौके के बारे में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा ‘हमारी पार्टी की सोच यही है कुछ सकारात्मक हो। रोज हम दूसरों का विरोध नही कर सकते। विपक्षी नेता भी सांसद चुनकर आए हैं और इस प्लेटफॉर्म पर उनका भी योगदान होना चाहिए। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का मौका मिलेगा। 
 
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी - फोटो : Amar Ujala
लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी को मिलाकर बनाए गए संसद चैनल की शुरुआत बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। चैनल में कुछ मौजूदा और पूर्व सांसदों को भी कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए कहा गया है। जिसमें कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, पूर्व सांसद और कांग्रेस के दिग्गज नेता कर्ण सिंह और शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी शामिल हैं।

जहां थरूर को प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ ‘टू द प्वाइंट’ कार्यक्रम की मेजबानी करने को कहा गया है वहीं चतुर्वेदी अपने शो ‘मेरी कहानी’ में महिला सांसदों का साक्षात्कार कर रही हैं। हालांकि, दोनों शो राजनीति की चर्चा से दूर रहेंगे। वहीं कर्ण सिंह को धर्म पर आधारित कार्यक्रम नाम एकम सत (सत्य एक है) के सूत्रधार होंगे। थरूर ने ट्वीट कर अपने प्रोग्राम का प्रोमो जारी किया है। इस कार्यक्रम में थरूर प्रसिद्ध सांस्कृतिक हस्तियों का साक्षात्कार कर रहे हैं।
 
बताया गया कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जब संसद टीवी के 'टू द पॉइंट' की एंकरिंग के लिए सहमत हुए तो इसके एक प्रचार वीडियो को सप्ताहांत में विजय चौक और राजपथ पर फिल्माया गया। जिसकी पृष्ठभूमि में नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें थीं। सप्ताहांत होने के कारण, सड़कों पर भीड़ कम थी, लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों और राहगीरों ने जब थरूर को देखा तो उनकी लोकप्रियता के कारण शूटिंग में कई समस्याएं खड़ी हो गई थीं। लोग तिरुवनंतपुरम के इस सांसद के साथ ऑटोग्राफ लेने और सेल्फी लेने के लिए आतुर थे। 

मिली जानकारी के मुताबिक नए चैनल में शो करने के लिए और मौजूदा सांसदों को बुलाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक “कुछ ऐसे शो हैं जिन्हें विशेष रूप से संसद सदस्यों को ही मेजबानी का मौका मिलेगा। कुछ कार्यक्रम की रूपरेखा इस तरह बनाई जा सकती है कि जहां एक सांसद एक एपिसोड करेंगे वहीं दूसरे सांसद दूसरे एपिसोड में दिखाई देगें। इस तरह से अधिक से अधिक सांसदों को कार्यक्रम प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा, जिसमें विपक्ष के सांसद भी होंगे। 

विपक्षी नेताओं को संसद टीवी पर कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए दिए गए मौके के बारे में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा ‘हमारी पार्टी की सोच यही है कुछ सकारात्मक हो। रोज हम दूसरों का विरोध नही कर सकते। विपक्षी नेता भी सांसद चुनकर आए हैं और इस प्लेटफॉर्म पर उनका भी योगदान होना चाहिए। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का मौका मिलेगा। 
 

प्रियंका चतुर्वेदी - फोटो : PTI
नई भूमिका जिम्मेदारी के तौर पर ली-प्रियंका चतुर्वेदी
अपनी नई भूमिका को लेकर अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया ‘सबसे पहले जब मुझे फोन इस कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए फोन आया कि मुझे महिला सांसदों का इंटरव्यू करना है, तो मुझे अच्छा विचार लगा। हालांकि मुझे यह नहीं पता कि विपक्षी सांसदों को यह मौका क्यों दिया गया है। मैंने हां कहने से पहला थोड़ा सोचने में समय लिया लेकिन मुझे लगा कि इससे मुझे महिला सांसदों से बात करने और उनके संसद तक पहुंचने की कहानी सबके सामने लाने का मौका मिलेगा।

उन्होंने कहा महिला सांसद जो दूसरी पार्टियों से आई हैं उनसे सियासत की बात संसद में तो हम कर ही लेते हैं लेकिन हर व्यक्ति की एक निजी जिंदगी भी होती है। महिला सांसदों का संघर्ष घर से लेकर संसद तक होता है। उन्हें हर मोर्चे पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में उनके संघर्ष और सफलता की कहानियां दूसरी महिलाओं को भी प्रोत्साहित करेंगी।

चतुर्वेदी ने कहा, मैंने अपनी इस भूमिका को जिम्मेदारी के तौर पर लिया है क्योंकि महिला सांसद के नाते मैं दूसरी महिला सासंदों की दिक्कतों और उनकी चुनौतियों से वाकिफ हूं। मेरी कोशिश है कि वो महिला सांसद है जिन्हें कोई प्लेटफॉर्म नहीं मिला है, उन्हें अपनी कहानी बताने का एक बेहतर जरिया मिले।’ उन्होंने बताया कि उनके कार्यक्रम के तीन एपिसोड शूट हो गए हैं, लोकसभा सांसद गोमती साईं, भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी और राज्यसभा सांसद सोनल मानसिंह का इंटरव्यू उन्होंने ले लिया है। 

 

15 सितंबर को संसद टीवी लॉन्च हुआ - फोटो : Twitter : @sansad_tv
संसद टीवी के आधिकारिक हैंडल के ट्वीट के अनुसार, चैनल पर  सरकार की नीतियों और आर्थिक रणनीतियों और पिछले कुछ वर्षों में शुरू की गई परियोजनाओं के बारे में बताया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक जब सदन का सत्र चल रहा होगा तो संसद टीवी के दो प्लेटफॉर्म होंगे, एक लोकसभा से और दूसरा राज्यसभा से सीधा प्रसारण करने के लिए। हालांकि, जब संसद सत्र में नहीं चलेगा तो एक प्लेटफॉर्म को निष्क्रिय रखा जाएगा। जबकि दूसरे में समाचार, समूह चर्चा और अन्य शो होंगे।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक संसद टीवी को हिंदी और अंग्रेजी में प्रोग्रामिंग के साथ दोनों भाषाओं में दिखाया जाएगा। कार्यक्रम में मेजबान और मेहमान बनने के लिए दोनों सदनों से सांसदों को चुना जाएगा। “हम इसे सांसद बनाम विपक्ष नहीं देख रहे हैं, हम तटस्थ रहने की कोशिश करेंगे। हम केवल इस बात पर विचार करते हैं कि एक सांसद शो में कितना अच्छा कर सकते हैं।”

संसद टीवी सबका है
हालांकि राज्यसभा टीवी में संसदीय मामलों के संपादक रह चुके वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह कहते हैं संसद के दो सदन हैं और दोनों सदनों के लिए अलग-अलग चैनल बनाने का फैसला 2004 में लिया गया था जब लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी थे और  राज्यसभा अध्यक्ष भैरोसिंह सिंह शेखावत थे। लोकसभा और राज्यसभा टीवी को मिलाकर एक संसद टीवी बनाया गया है, देखना होगा कि एक टीवी से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और अन्य कार्यक्रमों का प्रसारण कितना न्यायसंगत होगा।  
दिल्ली से भाजपा सासंद प्रवेश वर्मा ऐसी राय रखते हैं कि संसद सभी के लिए है, इसलिए संसद का टेलीविजन सबका है। सभी को मौका मिलेगा। सभी सांसदों से कहा गया है जो भी कार्यक्रम प्रस्तुत करना चाहते हैं, वे करेगें। कंटेट क्या होगा यह चैनल तय करेगा। जिस तरह से सभी सांसदों को संसद में बोलने का मौका दिया जाता है उसी तरह से संसद टीवी पर भी दिया जा रहा है। यह स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है। इसमें दोनों सदनों के कार्यक्रम के साथ पूरा न्याय होगा। 

वहीं त़ृणमूल कांग्रेस के सांसद प्रसून बनर्जी ने कहा सांसद के रूप में यह मेरा तीसरा कार्यकाल है। उम्मीद करता हूं कि जिस तरह से संसद में सबको मिलने का मौका दिया जाता है उसी तरह संसद टीवी पर भी सभी पार्टियों को बराबर का मौका दिया जाएगा। बनर्जी ने कहा संसद टीवी शुरू करने का आईडिया पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का था, उसी पंरपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है, एक सांसद के तौर पर हमें इस बात की खुशी है, लेकिन उम्मीद है कि ममता दीदी की पार्टी को भी इस प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। 
 

अमिताभ कांत, CEO, नीति आयोग - फोटो : ANI
हमने उत्तर प्रदेश के लालगंज से बसपा सांसद संगीता आजाद की भी राय ली। उन्होंने कहा विपक्षी नेताओं को यह मौका देना एक बढ़िया कदम है, लेकिन देखते हैं यह कब तक कायम रहता है। उम्मीद है इस प्लेटफॉर्म के जरिए बसपा को भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। 

विपक्ष में उत्साह नहीं
विपक्ष के एक नेता का कहना है कि संसद टीवी पार्टी लाईन पर तो चल नहीं रहा। टीवी के लोकप्रिय चेहरों को उतारकर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। इस तरह के कार्यक्रम शुरूआती दिखावे के लिए तैयार किया गया है। तकनीकी तौर पर इसका स्वरूप तैयार नहीं किया गया है। ऐसे लोगों के हाथ में कंटेट कंट्रोल है जिनके पास संसदीय कार्यवाही का कोई अनुभव नहीं है। विपक्ष में इसे लेकर बहुत उत्साह नहीं है। कई सांसदों को इस नए चैनल के लॉन्च होने के बारे में जानकारी ही नहीं है। 

संसद टीवी पर सरकार की नीतियों के थिंक-टैंक माने जाने वाले नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत 'ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया' शो में 'भारत की विकास कहानी' के बारे में बात करेंगे। वहीं सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल 'आर्थिक सूत्र' की मेजबानी करेंगे। संजीव सान्याल ने अपने ट्वीट कर बताया कि चैनल ने मेरे नए शो आर्थिक सूत्र का प्रसारण किया है। 

शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के कार्यक्रम पर जोर
राज्यसभा टीवी और लोकसभा टीवी  दोनों मुख्य रूप से संसदीय कार्यवाही का प्रसारण करते थे। दोनों टीवी को एक मिलाकर संसद टीवी शुरू करने के लिए नवंबर 2019 में, प्रसार भारती के पूर्व अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश के नेतृत्व में एक समिति को इसका खाका बनाने का काम सौंपा गया था। इस साल मार्च में, लोकसभा और राज्यसभा टीवी चैनलों को एक चैनल- संसद टेलीविजन में मिला दिया गया।

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और पूर्व कपड़ा मंत्रालय के सचिव रवि कपूर चैनल के सीईओ हैं जबकि लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव मनोज अरोड़ा ओएसडी हैं। नए चैनल के दिन-प्रतिदिन के कामकाज की निगरानी लोकसभा सचिवालय करेगा। एक अधिकारी के मुताबिक बड़ी नीति बनाने का फैसला हो या अन्य निर्णय लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के सभापति और दोनों सदनों के सचिवालय मिलकर करेंगे। चैनल के लिए लगभग 60 नए कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है, जो मुख्य रूप से संसदीय कार्यवाही, लोकतांत्रिक प्रणालियों की भूमिका के अलावा संसद और उसके कामकाज पर मुख्य रूप से केंद्रित करेगा। शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, धर्म और अर्थव्यवस्था पर भी शो किए जाएंगे। ऐसे कार्यक्रमों पर ज्यादा जोर है।
 
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