शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को एक बार फिर से हिंदुत्व के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के नए नेताओं को याद रखना चाहिए कि सबसे पहले हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ने वाली कोई पार्टी थी तो वह शिवसेना थी। उन्होंने कहा कि भाजपा के नए नेताओं (नव हिंदुत्ववादी) को इतिहास की जानकारी नहीं है। किसी ने उनके इतिहास के पन्ने फाड़ दिए हैं। लेकिन हम समय-समय पर हम उन्हें जानकारी देंगे। वहीं इससे पहले राउत ने सोमवार को भी भारतीय जनता पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि शिवसेना महाराष्ट्र में भाजपा को नीचे से ऊपर तक ले गई। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान को भी दोहराया और कहा कि भाजपा केवल सत्ता के लिए हिंदुत्व का उपयोग करती है।
भाजपा का शिवसेना पर हमला
महाराष्ट्र में भाजपा विधायक आशीष शेलार ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर आप अपने इतिहास को भूलकर सिर्फ सत्ता के लिए शरण लेने की तस्वीर देखना चाहते हैं, तो आपको ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार की यह घटना देखनी चाहिए। टीपू सुल्तान ने भारत पर हमला किया था और ठाकरे सरकार का एक मंत्री उनके नाम पर कुछ स्थापित कर रहा है। शेलार ने कहा कि शिवसेना इस पर खामोश है, यह उनका पाखंड है और हम ऐसे कार्यक्रमों का विरोध करते हैं।
बाबरी के बाद उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी: राउत
मीडिया से बात करते हुए राउत ने कहा था कि बाबरी के बाद उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी। देश में हमारा प्रधानमंत्री होता लेकिन हमने उनके लिए छोड़ दिया। भाजपा केवल सत्ता के लिए हिंदुत्व का उपयोग करती है।
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भी किया उद्धव ठाकरे का समर्थन
वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक ने भी उद्धव ठाकरे के भाजपा के साथ 25 साल बर्बाद वाले बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह सच है कि भाजपा के साथ गठबंधन करने वाली पार्टियों को उन्होंने धीरे-धीरे नष्ट कर दिया। अपने धर्म पर गर्व करना अच्छा है, लेकिन दूसरे धर्मों के प्रति नफरत करना सही नहीं है।