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संसदीय समिति के सामने पद्मावती पर भंसाली की सफाई, कहा- इतिहास के तथ्यों से नहीं किया छेड़छाड़

Fri, 01 Dec 2017 06:20 AM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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फिल्म पद्मावती विवाद पर संजय लीला भंसाली ने संसदीय समिति के समक्ष उपस्थित होकर सफाई पेश की है। भंसाली ने कहा है कि फिल्म बनाते समय उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं की है। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्म पद्मावती मलिक मोहम्मद जायसी की कविता पर आधारित है।
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संसदीय समिति में सफाई पेश करने के बात भंसाली ने मीडिया से कहा है कि जो विवाद है वह अफवाहों के बल पर है। विवाद में कोई सत्यता नहीं है। फिल्म का विरोध करने वालों से भंसाली ने कहा है कि वे पहले फिल्म देखें उसके बाद विरोध का फैसला ले। दरअसल संसदीय समिति के अध्य्क्ष अनुराग ठाकुर ने विवाद पर सफाई के लिए संजय लीला भंसाली को बुलाया था।

मध्यस्थ की भूमिका में अनुराग
संसद की आईटी समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर हैं। पद्मावती फिल्म से उपजे विवाद के बीच गतिरोध समाप्त करने के लिए अनुराग ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए आईटी के संसदीय स्थायी समिति के नेतृत्व में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म प्रमाणन के अध्यक्ष और फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली को समिति के समक्ष बुलाया था। ताकि विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जा सके।
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समिति ने की भंसाली की खिंचाई

फिल्म पर खुद टिप्पणी करते हुए अनुराग ने कहा है की देश के करदाताओं का पैसा विकास कार्यों में लगने के बजाय पद्मावती विवाद से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर खर्च हो रहा है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली से कई अहम सवाल दागे हैं। अनुराग ने भंसाली से पूछा है कि ऐसा क्या है कि फिल्म के निर्माण के समय से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है और सीबीएफसी की जांच से पहले चुनिंदा मीडिया में क्यों दिखाया गया। ठाकुर ने भंसाली से कहा है कि फ‌िल्मों के निर्माण का आधार मनोरंजन होता है ना कि पूरे देश में तनावपूर्ण माहौल बनाना। 

समिति ने की भंसाली की खिंचाई
सूत्र बताते हैं कि संसदीय समिति ने पद्मावती विवाद पर भंसाली की राय जानते हुए उनकी खिंचाई भी की है। समिति ने भंसाली की हिदायत दी है कि वे इस तरह के विवादों से परहेज करें। इसके अलावा बिना सीबीएफसी जांच के बिना फिल्म को कुछ चुनिंदा लोगों को दिखाए जाने के मामले पर भी उन्हें नसीहत दी गई है।
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