जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम ने असम को भारत से अलग करने का बयान देने के बाद अब एक और कथित विवादित वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवती नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) का विरोध कर रही है। प्रदर्शनकारी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को निर्दोष बताते हुए देश की सर्वोच्च अदालत पर सवाल खड़े कर रही है।
विवादित वीडियो में युवती कहती है, 'हम सीएए-एनआरसी की वजह से उतरे हैं, सिर्फ उसके खिलाफ नहीं उतरे हैं। हमें एहसास हो रहा है कि हम न सरकार पर भरोसा कर सकते हैं और न उच्चतम न्यायालय पर। उच्चतम न्यायालय ने अफजल गुरु को इंडिया की 'सामूहिक चेतना' के लिए फांसा पर चढ़ाया था। आज पता चलता है कि अफजल गुरु का संसद पर हमले में कोई हाथ नहीं था। अदालत पहले कहती है कि बाबरी मस्जिद के नीचे कोई मंदिर नहीं था, ताला तोड़ना गलत था, मस्जिद गिराना गलत है और फिर कहती है कि यहां मंदिर बनेगा।'
भड़काऊ वीडियो में शरजिल कहता है, 'भारत और असम अलग हो जाएं, तभी वे हमारी बात सुनेंगे। क्या आपको पता है असम में मुसलमानों का क्या हाल है? वहां एनआरसी लागू हो गया है। मुस्लिमों को हिरासत केंद्र में डाला जा रहा है। छह-आठ महीनों में पता चलेगा कि वहां सारे बंगालियों को मार दिया गया। यदि हमें असम की मदद करनी है तो असम का रास्ता बंद करना होगा।'