मुलायम परिवार में जारी सत्ता संघर्ष से खुद सपा ही नहीं उलझी है, बल्कि इस पार्टी ने अपने विरोधियों को भी बुरी तरह उलझा दिया है। सपा विरोधी सभी दल सांस थामे मुलायम परिवार में नए सिरे से शुरू हुए महाभारत के अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सपा सुप्रीमो द्वारा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद अब भाजपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद को अखिलेश के भावी कदम का इंतजार है।
कांग्रेस और रालोद को जहां अब अखिलेश की अगुवाई वाले धड़े से गठबंधन की उम्मीद है, वहीं भाजपा ने स्वीकार किया है कि अगर इस गठबंधन में मूर्त रूप लिया तो उसे अपनी चुनावी रणनीति में आमूलचूल बदलाव लाना होगा।
भाजपा ने फिलहाल नए सिरे से छिड़े महाभारत के परिणाम आने के बाद ही टिकट वितरण का सिलसिला शुरू करने का मन बनाया है। जबकि कांग्रेस को इस परिस्थिति में सपा, अखिलेश के साथ तीन दलों के गठबंधन के मूर्त रूप लेने की उम्मीद है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अखिलेश लगातार सपा सुप्रीमो पर कांग्रेस के साथ गठबंधन का दबाव बनाते रहे हैं।