झारखंड के लाल मटिया में कोयला खदान धंसने की वजह से कम से कम 40 मजदूरों के दबने की खबर आ रही है। गोड्डा में कोयला खदान धंसने की घटना गुरुवार शाम को हुई है। कई सारे मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं, जबकि घायलों को मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जा रही है। हालांकि अब तक बचाव कार्य में 9 शव निकाले जा चुके हैं और साथ ही 10 खनन उपकरण भी निकाल लिए गए हैं।
Jharkhand mine collapse: 9 bodies recovered so far, all 10 mining equipment extracted.
— ANI (@ANI_news) December 30, 2016
Lalmatia(Jharkhand): Some machineries of pvt company along with around 40-50 workers are suspected to be trapped inside the debris,says CISF
— ANI (@ANI_news) December 30, 2016
सीआईएसएफ का कहना है कि प्राइवेट कंपनी की मशीनों के साथ 40 से 50 मजदूर मिट्टी में दबे हो सकते हैं। सीआईएसएफ के मुताबिक बचाव और राहत कार्य चल रहा है जबकि इलेक्ट्रिक सप्लाई प्रभावित हुई है।
Jharkhand mine collapse: On duty CISF sentry is safe. Rescue operation is underway & electric supply has also been disrupted says CISF
— ANI (@ANI_news) December 30, 2016
घटना के बारे में मुख्यमंत्री रघुवर दास को सूचित कर दिया गया है। पटना से एनडीआरएफ की टीमें घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है। इसके साथ ही 1 जीओ, 2 इंस्पेक्टर, 21 सीआईएसएफ के जवान ईसीएल शीतलपुर हेडक्वार्ट्रर से घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुख्यमंत्री रघुबर दास स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को बचाव कार्य में और तेजी लाने का आदेश दिया है। पटना से एनडीआरएफ की एक टीम झारखंड के लालमटिया में घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है।
केंद्रीय पावर और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने एएनआई से कहा कि स्थिति स्थिति पर निगाह रखी जा रही है। बचाव कार्य जारी है। इस मामले में जांच चल रही है।