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Budaun Double Murder: बदायूं घटना में राजनीति तेज, सचिन-गौरव हत्याकांड से बदल गई थी पश्चिमी यूपी की सियासत

सार

भारतीय जनता पार्टी ने बदायूं की घटना में समाजवादी पार्टी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो रही है और योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाती है। भाजपा का आरोप है कि समाजवादी पार्टी की सरकार में अपराधियों का संरक्षण होता था...
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Budaun Double Murder - फोटो : Amar Ujala/ Rahul Bisht
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विस्तार
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बदायूं हत्याकांड में राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल (@MediaCellSP) पर आरोप लगाया है कि भाजपा यूपी में सांप्रदायिक तनाव खड़ा करके चुनाव जीतना चाहती है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने बदायूं की घटना में समाजवादी पार्टी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो रही है और योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाती है। भाजपा का आरोप है कि समाजवादी पार्टी की सरकार में अपराधियों का संरक्षण होता था।

2013 में बदायूं हत्याकांड की तरह ही मुजफ्फरनगर में एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा अपनी बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर सचिन और गौरव नाम के दो जाट भाइयों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पश्चिमी यूपी में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। इन दंगों में लगभग 62 लोगों की हत्या हो गई थी। इस घटना के बाद पश्चिमी यूपी की सियासत हमेशा के लिए बदल गई।

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पश्चिमी यूपी में जाट, मुस्लिम और किसान चुनाव के सबसे बड़े मुद्दे रहे हैं। जाट समुदाय यहां पर राजनीतिक रूप से काफी प्रभावी होता है। परंपरागत रूप से यहां पर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ज्यादा प्रभावी रहते थे। लेकिन मुजफ्फरनगर के कवाल गांव के दो जाट भाइयों की हत्या ने पश्चिमी यूपी की पूरी सियासत बदल दी। पूरा जाट समुदाय पूरी तरह भाजपा के साथ एकजुट होकर खड़ा हो गया, जिससे भाजपा पिछले चार चुनावों में इस मुस्लिम बहुल क्षेत्र में भी लगभग क्लीन स्वीप कर रही है।         

शिवपाल यादव मैदान में

बदायूं से इस बार समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल यादव चुनाव मैदान में हैं। यह उनका प्रभाव क्षेत्र माना जाता है और यहां से उनके जीतने की संभावना बन सकती है। इसके पहले समाजवादी पार्टी ने बदायूं से धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा था। लेकिन आशंका जताई जा रही थी कि धर्मेंद्र यादव का यहां पर विरोध हो सकता है। इसके बाद धर्मेंद्र यादव को यहां से हटाकर आजमगढ़ भेज दिया गया। लेकिन बदायूं हत्याकांड होने से चुनाव पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।    

क्या है मामला?

बदायूं में साजिद और जावेद नाम के दो भाइयों पर आरोप है कि मंगलवार को उन्होंने अपने पड़ोस में रहने वाले विनोद ठाकुर के दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी। मृतक बच्चों के पिता ने बताया है कि आरोपियों ने उसकी पत्नी से पांच हजार रुपयों की मांग की थी। उन्होंने अपनी पत्नी को उन्हें पैसे दे देने के लिए कहा था। लेकिन पैसे लेने के बहाने आरोपियों ने उसके घर में प्रवेश किया और उसके बच्चों की हत्या कर दी। आरोपियों ने तीसरे बच्चे की भी हत्या करने की कोशिश की, लेकिन वह बच गया। घटना के बाद हत्या का आरोपी साजिद एनकाउंटर में ढेर हो गया है, जबकि दूसरा आरोपी जावेद अभी फरार है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए कई टीमें बनाकर दबिश दे रही है।   

भाजपा प्रवक्ता ने कहा

उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा है कि समाजवादी पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए इस घटना पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक अपराधी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है, जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार में अपराधियों का संरक्षण किया जाता था।

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