मुंबई रेलवे मंडल के वांगणी रेलवे स्टेशन पर जिस प्वॉइंटमैन मयूर शेलके ने छह साल के बच्चे की जान बचाकर पूरे देश की वाहवाही लूटी थी, उसने फिर मिसाल पेश की है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शेलके को 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। रेलकर्मी शेलके ने इसमें से आधी राशि उस बच्चे की पढ़ाई के लिए देने की घोषणा कर दी, जिसकी जान बचाई थी।
मयूर शेलके की बहादुरी और सेवा के प्रति समर्पण की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। रेल मंत्री गोयल ने पहले शेलके के इस कार्य की तारीफ की और फिर 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। बच्चे की जान बचाने वाला शेलके का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होते ही छा गया था।
ठाणे जिले के वांगणी स्टेशन पर ट्रेन आने ही वाली थी कि एक छह साल का बच्चा पटरी पर गिर गया था। वहां मौजूद प्वॉइंटमैन शेलके ने बिना देर किए और अपनी जान की परवाह किए उस बच्चे को मौत के मुंह से निकाल लिया था। यह पूरा घटनाक्रम रेलवे के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गया था। वीडियो को रेलवे ने शेयर किया था। यह घटना 17 अप्रैल को घटी थी।
रेल मंत्री गोयल ने की इनाम की घोषणा
इस वीडियो को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट किया है और मयूर की जांबाजी की जमकर तारीफ की है। इतना ही नहीं उन्होंने रेलवे की ओर से पॉइंटमैन शेलके को 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया।
बच्चे की मां दृष्टिबाधित थी : शेलके
शेलके ने गुरुवार को एक न्यूज एजेंसी से चर्चा में कहा कि वह इनाम में मिले 50 हजार रुपये में से आधी राशि उस बच्चे की पढ़ाई व भलाई के लिए देंगे। शेलके ने कहा कि उस बच्चे के परिजनों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए मैंने यह निर्णय किया। शेलके के इस कदम की एक बार फिर सोशल मीडिया में प्रशंसा हो रही है। शेलके ने बताया कि उस बच्चे की मां दृष्टिबाधित थी, वह उसे बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकती थी। यह देखते ही मैं लपका व ट्रेन से चंद मीटर के फासले से उसे प्लेटफॉर्म के पास की पटरी से निकाल लिया।