फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शेलके को सलाम: रेलमंत्री ने दिया 50 हजार का इनाम, प्वॉइंटमैन ने आधी राशि उसी बच्चे को दे दी, जिसकी बचाई थी जान

Thu, 22 Apr 2021 08:55 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • सोशल मीडिया में जमकर हो रही शेलके की तारीफ
  • खुद की जान जोखिम में डाल बचाई थी बच्चे की जान
विज्ञापन
रेलवे प्वॉइंटमैन मयूर शेलके - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुंबई रेलवे मंडल के वांगणी रेलवे स्टेशन पर जिस प्वॉइंटमैन मयूर शेलके ने छह साल के बच्चे की जान बचाकर पूरे देश की वाहवाही लूटी थी, उसने फिर मिसाल पेश की है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शेलके को 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। रेलकर्मी शेलके ने इसमें से आधी राशि उस बच्चे की पढ़ाई के लिए देने की घोषणा कर दी, जिसकी जान बचाई थी। 

विज्ञापन


मयूर शेलके की बहादुरी और सेवा के प्रति समर्पण की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। रेल मंत्री गोयल ने पहले शेलके के इस कार्य की तारीफ की और फिर 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। बच्चे की जान बचाने वाला शेलके का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होते ही छा गया था। 

ठाणे जिले के वांगणी स्टेशन पर ट्रेन आने ही वाली थी कि एक छह साल का बच्चा पटरी पर गिर गया था। वहां मौजूद प्वॉइंटमैन शेलके ने बिना देर किए और अपनी जान की परवाह किए उस बच्चे को मौत के मुंह से निकाल लिया था। यह पूरा घटनाक्रम रेलवे के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गया था। वीडियो को रेलवे ने शेयर किया था। यह घटना 17 अप्रैल को घटी थी।
विज्ञापन


रेल मंत्री गोयल ने की इनाम की घोषणा
इस वीडियो को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट किया है और मयूर की जांबाजी की जमकर तारीफ की है। इतना ही नहीं उन्होंने रेलवे की ओर से पॉइंटमैन शेलके को 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। 
 

बच्चे की मां दृष्टिबाधित थी : शेलके
शेलके ने गुरुवार को एक न्यूज एजेंसी से चर्चा में कहा कि वह इनाम में मिले 50 हजार रुपये में से आधी राशि उस बच्चे की पढ़ाई व भलाई के लिए देंगे। शेलके ने कहा कि उस बच्चे के परिजनों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए मैंने यह निर्णय किया। शेलके के इस कदम की एक बार फिर सोशल मीडिया में प्रशंसा हो रही है। शेलके ने बताया कि उस बच्चे की मां दृष्टिबाधित थी, वह उसे बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकती थी। यह देखते ही मैं लपका व ट्रेन से चंद मीटर के फासले से उसे प्लेटफॉर्म के पास की पटरी से निकाल लिया। 
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें