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भारतीय सेना में कायम है सैनिक स्कूलों का दबदबा, एनडीए में अफसर बन रहे 25 फीसदी छात्र

Thu, 16 Jul 2020 12:32 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद नाइक के अनुसार, सैनिक स्कूलों की स्थापना राज्य सरकार से विशेष अनुरोध प्राप्त होने पर ही की जाती है। जिस जगह पर यह स्कूल शुरू होना है, वहां के प्रशासन से भूमि, शैक्षणिक एवं आवासीय भवन व खेल का मैदान आदि अवसंरचना मुहैया कराना अपेक्षित होता है...
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सैनिक स्कूल - फोटो : File Photo
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विस्तार
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देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित 33 सैनिक स्कूलों का भारतीय सेना में दबदबा कायम है। हर साल होने वाली भर्ती में इन स्कूलों के छात्रों का हिस्सा करीब 25 फीसदी रहता है। सैनिक स्कूलों के छात्र एनडीए के जरिए भारतीय सेना में अफसर बन रहे हैं। 2018 में एनडीए के दोनों भर्ती सत्रों की बात करें तो चयनित 662 युवाओं में से 147 सैनिक स्कूलों से आए थे। 2017 में एनडीए द्वारा चयनित 644 युवाओं में सैनिक स्कूलों के 179 विद्यार्थी शामिल रहे।

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इसी तरह 2016 में एनडीए के दोनों सत्रों की भर्ती में सैनिक स्कूलों के छात्रों की संख्या 158 थी। उस साल कुल 595 युवाओं का चयन किया गया था। केंद्र सरकार ने अब सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस साल डेढ़ दर्जन नए सैनिक स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

तीन वर्ष: सैनिक स्कूलों के इतने विद्यार्थी बने सेना में अफसर

वर्ष        कुल भर्ती          सैनिक स्कूल विद्यार्थी       एनडीए में चयन
         दोनों सत्रों में    

2016       595                        158                     26.55
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2017       644                        179                     27.79
2018       662                        147                     22.20

इस तरह खुलता है एक सैनिक स्कूल

रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद नाइक के अनुसार, सैनिक स्कूलों की स्थापना राज्य सरकार से विशेष अनुरोध प्राप्त होने पर ही की जाती है। जिस जगह पर यह स्कूल शुरू होना है, वहां के प्रशासन से भूमि, शैक्षणिक एवं आवासीय भवन व खेल का मैदान आदि अवसंरचना मुहैया कराना अपेक्षित होता है।

सैनिक स्कूलों के लिए आवश्यक भूमि, भवन, फर्नीचर तथा शैक्षणिक उपकरणों पर होने वाला समस्त पूंजीगत व्यय और चालू व्यय का एक बड़ा हिस्सा संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा वहन किया जाता है। इसी खर्च में भवन, सड़क, अधिष्ठापनों के रखरखाव और तमाम दूसरे बड़े परिवर्तन शामिल होते हैं।

देश में यहां पर हैं सैनिक स्कूल

शहर                                      राज्य
सैनिक स्कूल, कोरूकुंडा              आंध्रप्रदेश
सैनिक स्कूल, कालीकिरी              आंध्रप्रदेश
सैनिक स्कूल, ग्वालपाडा               असम
सैनिक स्कूल, नालंदा                   बिहार
सैनिक स्कूल, गोपालगंज              बिहार
सैनिक स्कूल, अंबिकापुर              छत्तीसगढ़
सैनिक स्कूल, बालाचड़ी               गुजरात
सैनिक स्कूल, कुंजपुरा                 हरियाणा
सैनिक स्कूल, रेवाड़ी                   हरियाणा
सैनिक स्कूल, सुजानपुर टीरा         हिमाचल प्रदेश
सैनिक स्कूल, नगरोटा                 जम्मू कश्मीर
सैनिक स्कूल, तिलैया                  झारखंड
सैनिक स्कूल, बीजापुर                 कर्नाटक
सैनिक स्कूल, कोडागू                  कर्नाटक
सैनिक स्कूल, कजाकूट्टम             केरल
सैनिक स्कूल, रीवा                     मध्यप्रदेश
सैनिक स्कूल, सतारा                   महाराष्ट्र
सैनिक स्कूल, चंद्रपुर                   महाराष्ट्र
सैनिक स्कूल, इंफाल                   मणिपुर
सैनिक स्कूल, छिंगछिप                मिजोरम
सैनिक स्कूल, पुंग्लवा                   नागालैंड
सैनिक स्कूल, भूवनेश्वर                 उड़ीसा
सैनिक स्कूल, संबलपुर                 उड़ीसा
सैनिक स्कूल, कपूरथला                पंजाब
सैनिक स्कूल, चितौड़गढ़               राजस्थान
सैनिक स्कूल, झुनझनू                  राजस्थान
सैनिक स्कूल, अमरावती नगर        तमिलनाडु
सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल               उत्तराखंड
सैनिक स्कूल, पुरुलिया                 पश्चिम बंगाल
सैनिक स्कूल, पूर्वी सियांग             अरुणाचल प्रदेश
सैनिक स्कूल, मैनपुरी                  उत्तरप्रदेश
सैनिक स्कूल, झांसी                    उत्तरप्रदेश
सैनिक स्कूल, अमेठी                   उत्तरप्रदेश

सैनिक स्कूल अपनी स्थापना के मकसद को पूरा कर रहे हैं

केंद्र रक्षा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक के मुताबिक सरकार समय-समय पर इन स्कूलों के प्रदर्शन की समीक्षा करती है। मौजूदा हालातों में सैनिक स्कूल अपनी स्थापना के मकसद को पूरा कर रहे हैं। सरकार, इन स्कूलों के प्रदर्शन एवं शिक्षा के स्तर से संतुष्ट है, साथ ही विभिन्न राज्यों से नए स्कूल खोलने के प्रस्ताव आते रहते हैं।

सैनिक स्कूलों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, भारतीय नौसेना अकादमी व तकनीकी प्रवेश स्कीम में बड़ी संख्या में अपने कैडेट मुहैया कराकर खुद की उपयोगिता साबित कर दी है। हर साल एनडीए में भर्ती के लिए जो दो सत्र आयोजित किए जाते हैं, उसमें इन स्कूलों का दबदबा रहता है। वहीं, अब जिन राज्यों से नए स्कूल खोलने के प्रस्ताव आए हैं, वहां प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सैनिक स्कूल खोलने के प्रस्तावों की मौजूदा स्थिति

राज्य                    स्थान                           मौजूदा स्थिति
उत्तरप्रदेश             अमेठी                           1 अप्रैल 2020 से शुरु
उड़ीसा                 संबलपुर                        1 अप्रैल 2020 से शुरु
राजस्थान               अलवर                          समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
उत्तराखंड              रुद्रप्रयाग                       समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
तेलंगाना                वारांगल                         समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
पश्चिम बंगाल           दार्जिलिंग                       सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया
असम                   गोलाघाट                        सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया
झारखंड                गोड्डा                             सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया
मध्यप्रदेश              भिंड                              सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया
असम                   कोकराझार                     सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया
मध्यप्रदेश              सागर                             साइट सर्वे पूरा हो चुका है
पंजाब                   गुरदासपुर                       साइट सर्वे पूरा हो चुका है
सिक्किम               भूम                               साइट सर्वे पूरा हो चुका है
त्रिपुरा                   पश्चिम त्रिपुरा                    साइट सर्वे पूरा हो चुका है
हरियाणा                मातनहेल                        साइट सर्वे पूरा हो चुका है
उत्तरप्रदेश              मिर्जापुर                         साइट सर्वे पूरा हो चुका है
उत्तरप्रदेश              बागपत                          औपचारिक प्रस्ताव प्रतीक्षित

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