गुड़गांव के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में निवेशकों को समय पर फ्लैटों का कब्जा न देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईसीसीएल) को 3.3 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने एसआईसीसीएल को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा करने का निदेश दिया है। इससे पहले एसआईसीसीएल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने पीठ से कहा कि गुड़गांव के ‘सहारा ग्रेस’ प्रोजेक्ट में देरी नहीं हुई है।
प्रोजेक्ट समय पर बनकर तैयार हो गया था, लेकिन प्रक्रियागत कारणों से निवेशकों को फ्लैट पर कब्जा मिलने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि फ्लैटों पर कब्जा दिया जा चुका है और लोग उसमें रह भी रहे हैं। हालांकि पीठ ने एसआईसीसीएल को रियायत देने से इनकार करते हुए 3.3 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया। पीठ अब इस मामले पर छह हफ्ते बाद सुनवाई करेगी।