इससे पहले मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश से आई 30 वर्षीय महिला को भी विरोध के कारण बिना दर्शन करे बेस कैंप पंबा से ही लौटना पड़ा। महिला अपने पति और दो बच्चों के साथ सोमवार को यहां पहुंची थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोमवार को दूसरी बार मंदिर के कपाट खुले हैं। पिछली बार हुए विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने भारी सुरक्षा इंतजाम किए हैं, इसके बावजूद 10 से 50 वर्ष की महिला मंदिर में दर्शन नहीं कर सकी है।
इस बीच, इस घटना को कवर कर रहे मलयालम चैनल के कैमरामैन को भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। विजय नामक कैमरामैन पर प्लास्टिक के स्टूल से हमला किया गया। वहीं, चैनल का आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नारियल भी फेंका, जिससे कैमरामैन घायल हो गया।
केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस पर कहा कि कुछ लोग सबरीमाला के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को मंदिर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। असली श्रद्धालु और समाज ऐसे लोगों को भलीभांति पहचानता है।