महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यिारी व उद्धव सरकार के बीच विवाद में अब शिवसेना का मुखपत्र 'सामना' भी कूद गया है। 'सामना' में लिखा गया कि राज्यपाल की देहरादून यात्रा निजी थी। इसे भाजपा बेवजह तूल दे रही है। राज्यपाल को एक दिन पहले ही सरकारी विमान ले जाने की मंजूरी नहीं देने की सूचना दे दी गई थी, इसके बाद भी वह एयरपोर्ट पहुंच गए थे।
सामना के संपादकीय में कहा गया है कि राज्यपाल ने विमान के लिए ऐसा हठ क्यों किया। बता दें, कोश्यिारी गुरुवार को राज्य के सरकारी विमान से देहरादून जाने वाले थे, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई। इसके बाद वे निजी एयर लाइंस की उड़ान से देहरादून गए थे।
राज्यपाल का कठपुतली की तरह इस्तेमाल
सामना में आगे लिखा गया है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल को पद की गरिमा व सम्मान रखना चाहिए। राज्यपाल का कठपुतली की तरह इस्तेमाल हो रहा है, यह देश का अपमान है। यदि कठपुतली जैसी स्थिति नहीं होती तो राज्यपाल विधान परिषद के 12 सदस्यों का मनोनयन कर चुके होते, क्योंकि इनकी सूची उनके पास छह माह पहले भेजी गई थी। भाजपा के कारण उन्होंने इसे मंजूरी नहीं दी। सदस्यों की नियुक्ति छह साल के लिए होती है, ये सदस्य उनके कार्यकाल के मुताबिक रिटायर हो जाएंगे, लेकिन उनकी नियुक्ति का समय राज्यपाल तय करेंगे। यह संविधान का उल्लंघन है।
महा विकास सरकार घमंडी : फडणवीस
विमान विवाद पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महा विकास अघाड़ी सरकार घमंडी है। यह महाराष्ट्र के इतिहास का काला दिन है।