नए कृषि कानूनों के विरोध में देशभर में किसान संगठन 14 फरवरी को मशाल रैली निकालने जा रहे हैं। किसान संगठनों ने हर प्रदेश के किसान संगठनों से कहा है कि शाम सात बजे से हर क्षेत्र में किसान रैली शुरू हो जाए। वहीं इस रैली में किसान मशाल के अलावा टार्च, मोबाइल टार्च और कैंडल भी लेकर शामिल हो सकते हैं।
किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला को बताया कि सभी क्षेत्रीय किसान संगठनों को आंदोलन कब शुरू करना है और कब तक करना है इसकी जानकारी भेजी जा चुकी है। सभी से अपने गांव में मशाल रैली निकालने का आह्वान किया गया है। सभी से कहा गया है कि इस रैली में हर परिवार से एक सदस्य जरूर शामिल हो। इस दौरान कार्यक्रम आयोजित कर पुलवामा हमले में शहीद सैनिकों के बलिदान और शहीद किसानों को भी याद किया जाएगा।
16 फरवरी को हरियाणा के किसान नेता छोटू राम के जन्मदिन के मौके पर किसान संगठन के नेता गांव में लोगों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान वे केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के बारे में लोगों को बताएंगे। वहीं, 18 फरवरी को पूरे देशभर में किसान संगठन रेल रोको आंदोलन करेंगे। सभी किसान दोपहर 12 से शाम चार बजे रेल की पटरियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
इसके अलावा जल्द ही मजदूर यूनियन और किसान यूनियन के नेता एक संयुक्त बैठक भी करेंगे। इसमें मजदूर और किसानों के संयुक्त प्रदर्शन को लेकर चर्चा होगी। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर दो महीने से ज्यादा समय से किसानों का प्रदर्शन जारी है। सरकार और किसान नेताओं की कई दौर की बैठक के बाद भी इसका हल नहीं हो पा रहा है।