विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को राज्यसभा में सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों का निषेध) संशोधन विधेयक-2022 पर चर्चा का जवाब देंगे। मानसून सत्र के अगले ही दिन सदन में पेश किए इस विधेयक पर सोमवार को बमुश्किल चर्चा की शुरुआत हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते बहस पूरी नहीं हो सकी।
यह बिल सामूहिक विनाश के हथियारों और उनके गैरकानूनी वितरण को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप ऐसे हथियारों के वितरण प्रणालियों के विरुद्ध प्रसार और वित्तपोषण के खिलाफ प्रावधान करता है।
विपक्ष सदन में लगातार महंगाई और जीएसटी पर चर्चा के लिए शोरशराबा करता रहा। एक दर्जन सांसदों के नाम पुकारने जाने पर भी विपक्ष ने चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। लिहाजा सत्ता पक्ष के सांसदों ने भारी हंगामे के बाद भी अपनी बात रखी। पीठासीन अधिकारी सस्मित पात्रा ने संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए सबसे पहले कांग्रेस से सांसद शक्ति सिंह गोहिल का नाम पुकारा लेकिन गोहिल, माकपा के विनय विश्वम, वाइको, फोजिया खान समेत किसी विपक्षी सदस्य ने अपनी बात नहीं रखी। इस पर पीठासीन उपसभापति पात्रा ने भाजपा के जीवीएल नरसिम्हा को चर्चा में अपना पक्ष रखने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि 2005 में पारित मूल अधिनियम में मौजूदा समय तक तमाम बदलाव हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहे आतंकी दंश के मध्य आवश्यक है कि विनाश के हथियारों को लेकर नियमों को सामायिक बनाया जाए। नामांकित सदस्य महेश जेठमलानी ने कहा कि संशोधन विधेयक मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इसे पारित करना चाहिए।