बेटियों के करीब रहना चाहते हैं ड्रोर
ड्रोर ने साफ किया कि उनका इरादा बच्चों को मां से अलग करने का नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी बेटियां अपनी मां के बहुत करीब हैं। मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि मैं उनके करीब रहूं और हम दोनों मिलकर उनकी अच्छी परवरिश करें। इसके साथ ही भावुक होते हुए ड्रोर ने कहा कि मैं चाहता हूं कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले, वे स्वस्थ रहें और खुश रहें। मैं जहां भी वे रहेंगी, वहां जाने को तैयार हूं।
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एफआरओ के चलते अपनी बेटियों के नहीं मिल पाएं ड्रोर
बातचीत में ड्रोर ने बताया कि मैं बंगलूरू से सुबह चला और तुमकुरु के इस ऑफिस में पहुंचा। जब मैंने अधिकारियों से मिलने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि मैनेजर के आने के बाद ही बात होगी। एक घंटे बाद मैनेजर आईं और उन्होंने कहा कि मुझे FRO से अनुमति पत्र लाना होगा।
प्रशासन की ओर से कार्रवाई
गौरतलब है कि मामले में बताया जा रहा है कि नीना का वीजा समाप्त हो चुका है, और इस वजह से उनके ठहरने को लेकर प्रशासन ने उन्हें तुमकुरु लाया है। ऐसे में अब मामले की जांच विदेशी नागरिक मामलों से जुड़ी एजेंसियां कर रही हैं। वहीं, बच्चों की भलाई को ध्यान में रखते हुए सरकार और बाल कल्याण विभाग ने भी स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है।