रूस-यूक्रेन युद्ध को एक साल से अधिक समय हो गया है। फिर भी दोनों में से कोई भी देश युद्ध पर विराम लगाने को तैयार नहीं है। इन सबके बीच, अगले माह में भारत में जी20 शिखर सम्मेलन होने वाला है। ऐसे में लगातार सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल होंगे या नहीं? युद्ध पर विराम लगेगा कि नहीं? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए पत्रकारों ने भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव से बात की।
यह पूछे जाने पर कि क्या रूसी राष्ट्रपति दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे या नहीं रूसी राजदूत डेनिस ने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के संबंध में कोई घोषणा/बयान देना मेरा विशेषाधिकार नहीं है। मैं जी20 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी के संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा करने का सुझाव दूंगा।
हालात तनावपूर्ण
डेनिस ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि स्थिति स्पष्ट रूप से तनावपूर्ण है। लड़ाई जारी है। हम शुरू से ही संघर्ष पर विराम लगाने के लिए शांतिपूर्ण समाधान के लिए तैयार हैं। जबकि यूक्रेन ने कई बार कहा है कि उसे रूस के साथ बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
पश्चिम देश खत्म कर रहे उम्मीद
भारत में रूस के राजदूत डेनिस ने कहा कि हमने अपनी ओर से कभी भी खुद को बाकी दुनिया से, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग से अलग नहीं करना चाहा है और न ही चाहते हैं। हम यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार करना जारी रखना चाहते हैं। जबकि इसके बिल्कुल उल्ट पश्चिमी देशों ने रिश्ते को खत्म करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि लेकिन मेरा मानना है कि व्यापारिक समुदाय और विभिन्न पश्चिमी कंपनियां ऐसा नहीं चाहतीं। लेकिन उन्हें राजनीतिक राह पर चलने के लिए मजबूर किया गया है।
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता कर चुके हैं पुष्टि
बता दें, इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत में सितंबर में होने वाले जी20 सम्मेलन के लिए यात्रा की योजना नहीं बना रहे हैं। उनका व्यस्त कार्यक्रम है। अभी उनका मुख्य फोकस यूक्रेन में एक 'विशेष सैन्य अभियान' पर है। बता दें कि मॉस्को और कीव के बीच 24 फरवरी 2022 से भीषण युद्ध जारी है।