रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग से उत्पन्न स्थिति और इस संदर्भ में भारत की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। पीएम ने बैठक में सुरक्षा क्षेत्र में नवीनतम तकनीक हासिल करने और भारत को हर कीमत पर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ देश की सुरक्षा को ही मजबूती नहीं मिलेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि पीएम को सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ समुद्री और हवाई क्षेत्र में देश की सुरक्षा तैयारियों के संदर्भ में किए गए नए कार्यों की जानकारी दी गई। इसके अलावा उन्हें इन क्षेत्रों में दुनिया में इस्तेमाल हो रही प्रौद्योगिकी की जानकारी भी दी गई। प्रधानमंत्री आवास में हुई बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल मौजूद थे। बैठक में मोदी ने यूक्रेन संकट के दौरान नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए चलाए गए ऑपरेशन गंगा अभियान की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि ऑपरेशन के तहत भारत ने कई पड़ोसी देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला है।
शेखरप्पा मामले में ली जानकारी
बैठक में प्रधानमंत्री ने खारकीव में रूसी हमले में मारे गए भारतीय नागरिक नवीन शेखरप्पा के शव को वापस लाने के लिए किए हरसंभव प्रयास जारी रखने का निर्देश दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मारे जाने वाले शेखरप्पा इकलौते भारतीय नागरिक हैं।
चुनाव नतीजे के बाद पीएम ने जताई थी चिंता
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद पीएम ने इस युद्ध के कारण आने वाली चुनौतियों पर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध का विकासशील देशों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। भारत की जरूरतें रूस और यूक्रेन दोनों से जुड़ी हैं। कोयला से ले कर खाद्य तेल और पेट्रो पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।