अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने रूस पर और आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। रूस के कुछ बैंकों को स्विफ्ट सिस्टम से बाहर किया गया है। रूस के सेंट्रल बैंक को भी स्विफ्ट सिस्टम से बाहर किया गया। उसकी 63,000 करोड़ डॉलर की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।
व्यापक हो प्रतिबंध, तभी होगा असरदार
बेअसर: रूसी बैंक पहले ही अमेरिका से प्रतिबंधित हैं। तेल व गैस के लिए होने वाले लेन-देन को प्रतिबंध से बाहर रखा गया। रूस इसी से 40 प्रतिशत राजस्व पाता है, लिहाजा ताजा प्रतिबंध ज्यादा प्रभावी नहीं माने जा रहे। विशेषज्ञों के अनुसार व्यापक वित्तीय प्रतिबंधों का ही असर होता है। 2012 में अमेरिका ने ईरान को स्विफ्ट सिस्टम से पूरी तरह बाहर किया। उसका 50 प्रतिशत तेल निर्यात राजस्व बंद हुआ, कुल 30 प्रतिशत विदेशी कारोबार भी खत्म हो गया।
असर: अमेरिका को उम्मीद है कि सेंट्रल बैंक के 63,000 करोड़ डॉलर की संपत्तियां फ्रीज करने का व्यापक असर हो सकता है। हालांकि रूस इसके लिए भी 2014 से तैयारी कर रहा था। शुरुआती असर रूबल में डॉलर के मुकाबले गिरावट के रूप में सामने आ सकता है। एक स्तर तक महंगाई भी बढ़ सकती है।
खुद पर भी असर: स्विफ्ट सिस्टम से रूसी बैंकों का बाहर करने का नुकसान अमेरिका और जर्मनी को भी उठाना पड़ सकता है, जिसका बड़ा कारोबार रूस के साथ है। पूरा यूरोपीय संघ रूस के साथ 8,000 करोड़ डॉलर का कारोबार करता है जो अमेरिका से 10 गुना अधिक है।
क्योंकि यूरोप की जरूरतें देखनी थी
विशेषज्ञ वित्तीय प्रतिबंधों को हल्का मान रहे हैं। रूस से तेल व गैस का सबसे बड़ा खरीदार यूरोप है। इनके लिए वित्तीय लेन-देन को छूट दी गई है। जबकि रूस का 40 प्रतिशत राजस्व इसी से आता है। यहां सख्ती होती तो यूरोप में तेल व गैस के दाम तेजी से बढ़ते। इन चीजों की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती थी।
‘गोल्डन पासपोर्ट’ नहीं
जर्मनी ने बताया, अब रूसी सरकार में शामिल और अमीर रूसियों को ‘गोल्डन पासपोर्ट’ नहीं मिल पाएगा। वे यूरोपीय नागरिक बनकर यहां की वित्तीय व्यवस्था का फायदा नहीं ले पाएंगे।
कनाडा व ईयू की रूसी उड़ानों पर रोक
टोरंटो। यूरोपीय यूनियन और कनाडा ने रूसी उड़ानों के लिए अपनी वायुसीमा रविवार से बंद कर दी। यही नहीं, अमेरिका भी यही कदम उठाने पर विचार कर रहा है। ब्रिटेन के बाद जर्मनी, स्पेन, फ्रांस के साथ नॉर्डिक और बाल्टिक देशों ने रूस पर अपनी वायुसीमा के इस्तेमाल पर रोक लगाने की घोषणा की है।