काला सागर स्थित यह बंदरगाह फिलहाल काम नहीं कर रहा है और रूसी सेनाएं इसके काफी करीब हैं। रूसी सेनाएं आकर कुछ जहाजों को जाने की अनुमति देती हैं तो ठीक है, अन्यथा हमें बंदरगाह प्राधिकरण की मदद की जरूरत होगी।
युद्धग्रस्त यूक्रेन के माइकोलेइव बंदरगाह पर भारत से गया एक व्यावसायिक जहाज कुछ समय से फंसा हुआ है। इसके चालक दल में 21 भारतीय नाविक हैं। जहाज की प्रबंधन एजेंसी वीआर मेरिटाइम के संस्थापक और सीईओ संजय पाराशर ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और अपने परिवारों के साथ नियमित संपर्क में हैं।
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पाराशर ने बताया कि भारतीय जहाज के साथ ही बंदरगाह पर 24 अन्य जहाज भी फंसे हैं। एजेंसी पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है। पिछले माह रूस और यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से चालक दल बाहर नहीं निकला है। जहाज पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। अन्य जहाजों के चालक दल में भी कई भारतीय हैं। जहाज की उपग्रह संचार प्रणाली और इंटरनेट काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि काला सागर स्थित यह बंदरगाह फिलहाल काम नहीं कर रहा है और रूसी सेनाएं इसके काफी करीब हैं। रूसी सेनाएं आकर कुछ जहाजों को जाने की अनुमति देती हैं तो ठीक है, अन्यथा हमें बंदरगाह प्राधिकरण की मदद की जरूरत होगी।
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पाराशर ने बताया कि आपात स्थिति में एजेंसी को चालक दल को निकालना पड़ा तो नजदीकी पोलैंड बंदरगाह 900 किलोमीटर है। सुरक्षित ठिकाने कीव बंदरगाह तक पहुंचने के लिए भी 500 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। फिलहाल इन दोनों स्थानों तक पहुंचना संभव नहीं है। इसलिए यूक्रेन में कहीं बंकर में छिपने के बजाय जहाज पर रहना ही सुरक्षित माना गया है।
पाराशर ने बताया कि इस घटनाक्रम से विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और नौवहन महानिदेशालय को भी अवगत कराया गया है। इस संबंध में टिप्पणी के लिए नौवहन महानिदेशक अमिताभ कुमार से संपर्क नहीं हो पाया।