रूस और यूक्रेन के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव और युद्ध के हालात ने भारत की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। यूक्रेन में रहने वाले भारतीय छात्रों के परिवार ने उनकी सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार से गुहार लगाई है। वहीं, परिवहन, पर्यटन, और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने यूक्रेन में रहने वाले छात्रों सहित अन्य भारतीयों के लिए गहरी चिंता जताई है। इन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि उनकी सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता दी जाए।
छात्रों की सुरक्षित वापसी का उठा मुद्दा
बुधवार को समिति के एक सदस्य ने बैठक में यूक्रेन का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिति के अध्यक्ष के सामने यूक्रेन से भारतीयों की सुरक्षित वापसी के मुद्दे को संबंधित मंत्रालयों के सामने उठाने का आग्रह किया। बैठक में मौजूद एक सदस्य ने एएनआई को बताया कि समिति के सभी सदस्य इस पर सहमत थे कि यूक्रेन में भारतीयों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए। समिति ने यूक्रेन मामले पर चर्चा करते हुए कीव में पढ़ रहे छात्रों की वापसी पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया।
बैठक के एजेंडे के अनुसार, भाजपा के राज्यसभा सांसद टीजी वेंकटेश की अध्यक्षता में परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने एक बैठक बुलाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन में छात्रों की कोई आधिकारिक संख्या नहीं है, लेकिन अभी यूक्रेन में विभिन्न शहरों में हजारों छात्र हैं और भारत में उनकी सुरक्षित वापसी की मांग की जा रही है।
हाल ही में भारतीय दूतावास द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई थी जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिक, खासतौर से छात्र जिनका रुकना जरूरी नहीं है, वे अस्थायी रूप से निकलने पर विचार कर सकते हैं। भारतीय नागरिकों को यूक्रेन और यूक्रेन के अंदर गैर जरूरी यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई थी।