विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फाइल)
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रूस और यूक्रेन के बीच 25 महीने से अधिक समय से जारी युद्ध पर विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों देशों के हिंसक संघर्ष पर भारत अपनी स्थिति पर अटल है। हम बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। भारत सुलह की प्रक्रिया में सभी पक्षों को शामिल करने के लिए तैयार है। ऐसे सभी तरीके और साधनों को अपनाना चाहिए, जिनकी मदद से शांति बहाली का उद्देश्य प्राप्त किया जा सके, या संघर्ष को खत्म करने में मदद मिल सके।
हिंसाग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों ने सरकार से मांगी मदद
जायसवाल ने कहा, युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे भारत के लोगों को सुरक्षित और जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए रूसी अधिकारियों पर बहुत दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा, पिछली बार हमने आपको बताया था कि रूस और यूक्रेन के युद्ध के कारण हिंसाग्रस्त इलाकों में 20 लोग फंसे थे जिन्होंने भारत सरकार से संपर्क किया।
रूस में मौत के बाद जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी, जल्द भारत आएगा पार्थिव
उन्होंने बताया कि भारत के दो लोगों का निधन हो चुका है। इनके पार्थिव शरीर से जुड़ी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अंतिम संस्कार के लिए सरकार की तरफ से नियुक्त एजेंसी ने शव सौंप दिए हैं। विदेश मंत्रालय लगातार परिवार के संपर्क में हैं। हम रूसी अधिकारियों के भी संपर्क में हैं।
गुजरात और हैदराबाद के युवकों की रूस में मौत
जायसवाल के मुताबिक, उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत तक, यानी रविवार या उसके आसपास, पार्थिव भारत पहुंच जाएंगे। 16 या 17 मार्च को शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। बता दें कि रूस में फंसे गुजरात के 23 वर्षीय हेमिल मंगुकिया और हैदराबाद के 30 वर्षीय मोहम्मद असफान की मौत की खबर इस महीने की शुरुआत में आई थी। रूस में फंसे भारतीयों ने एक वीडियो जारी कर अपनी रिहाई के लिए सरकारी हस्तक्षेप की गुहार भी लगाई थी।