राजस्थान के एक गांव में ही 47 की मौतों से दहशत
राजस्थान के अजमेर जिले में एक गांव है सोलमपुर। इस गांव में बीते कुछ दिनों में 47 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इतनी मौतों से राज्य सरकार में खलबली मच गई। मामले की जांच हुईं। तो राज्य सरकार ने कोरोना से हुई सभी मौतों से इंकार किया। जबकि स्टेट नोडल ने जब केंद्र को इसकी सूचना भेजी तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की राज्यों की मॉनिटरिंग करने वाली कमेटी ने इसे न सिर्फ गंभीरता से लिया बल्कि इस पूरे इलाके में सघन जांच और निगरानी करने के लिए कहा। राजस्थान के सिर्फ अजमेर के इस गांव का यह हाल नहीं है, बल्कि कई अन्य जिलों के दूर-दराज इलाकों के गांवों का भी यही हाल है। केंद्र सरकार के पास पहुंचे आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान के गांवों में कोविड लक्षणों वाले मरीजों की संख्या अचानक बढ़नी शुरू हुई है। अधिकारियों का कहना है कि गांवों में राज्य सरकारों को ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना होगा। लापरवाही की हालत में स्थितियां और बिगड़ सकती हैं।
गांवों को लेकर प्रधानमंत्री गंभीर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राज्यों की कोविड मॉनिटरिंग टीम के पास दर्ज आंकड़ों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और गोआ के अलावा दक्षिण भारत के राज्यों के गांवों में कोविड के केस बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी गंभीरता देखते हुए ही देश के अलग-अलग राज्यों के जिलों में कलेक्टरों से सीधा संवाद शुरू किया। इसकी मुख्य वजह इन जिलों के गांवों में ज्यादा से ज्यादा मॉनिटरिंग हो सके और संक्रमण पर रोक लगाई जा सके। पीएम मोदी कोविड की शुरुआत से ही इस बात को लेकर चिंता जता रहे थे कि गांवों में कोविड का प्रसार न के बराबर हो। क्योंकि उन्हें इस बात का अंदाजा था कि अगर हालात गांवों में खराब होने लगे तो स्थितियां बेकाबू हो सकती हैं। यही वजह रही कि पीएम ने डीएम से सीधी बातचीत कर गांवों को सुरक्षित रखने की अपील की। साथ ही मोदी ने अधिकारियों के संक्रमण रोकने के प्रयासों को भी जानने की बात कही ताकि उसका फायदा अन्य जिलों में भी संक्रमण काबू कर उठाया जा सके।
सामने नहीं आ रही सही तस्वीर
अभी भी देश के अलग-अलग प्रांतों के गांवों में फैले कोरोना की सही तस्वीर सामने नहीं आ पा रही हैं। लेकिन एक बात जो लगातार सामने आ रही है वह यह है कि गांवों में लगातार मौतें हो रही हैं। केंद्र सरकार की मॉनिटरिंग सेल के पास पहुंची सूचनाएं और सरकारी आंकड़ें भी गांवों में हो रही मौतों की तस्दीक करते हैं। यूपी के गोरखपुर जिले के कैपियरगंज के इंद्रपुर गांव में पंचायत चुनावों के बाद से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। मौतों के बाद जांच की गई तो कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई। इसी तरह बिहार के मुजफ्फरपुर के सरमसपुर गांव में बीते कुछ दिनों में 36 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां के लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के भेलाखुर्द गांव में 80 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद कहते हैं कि हमारी टीम लगातार गांवों में जा रही है। तकरीबन 90 हजार गांवों में जाकर जांच की जा चुकी है। प्रदेश के 68 फीसदी गांव संक्रमण से दूर हैं। कुछ गांवों तक हमें पहुंचना बाकी है। अगले कुछ दिनों में जल्द ही वहां भी पहुंच कर स्थितियों का आंकलन किया जाएगा।