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हिजाब का बहाना, चुनाव पर निशाना: कर्नाटक से उत्तर प्रदेश तक बवाल, पहले चरण की वोटिंग से पूर्व ओवैसी, प्रियंका, मलाला, तालिबान सब कूदे

Wed, 09 Feb 2022 03:14 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दरअसल यूपी चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को 11 जिलों की 58 सीटों पर वोटिंग होगी। ये सभी जिले पश्चिमी यूपी के हैं। हिजाब विवाद को तूल देकर यहां वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास किया जा रहा है। 
 
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यूपी चुनाव में हिजाब विवाद की एंट्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के पहले चरण में 10 फरवरी को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले कर्नाटक का हिजाब विवाद चरम पर है। बुधवार को इसमें देश-विदेश के दिग्गज नेता कूद पड़े। असदुद्दीन ओवैसी, प्रियंका गांधी, मलाला युसूफजई और तालिबान जहां हिजाब के पक्ष में खड़े नजर आए, वहीं यूपी के वरिष्ठ मंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कर्नाटक के मंत्री सुनील कुमार और भाजपा विधायक रेणुकाचार्य ने पलटवार किए। ऐसे में जानना जरूरी है कि यह विवाद क्यों गरमा रहा है? और इसका सियासी मकसद क्या है?

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पहले चरण की 58 सीटों पर नजर
दरअसल यूपी चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को 11 जिलों की 58 सीटों पर वोटिंग होगी। ये सभी जिले पश्चिमी यूपी के हैं। इनमें मेरठ, मथुरा, अलीगढ़, गौतम बुद्धनगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद और आगरा की 58 विधानसभा सीट शामिल हैं। इस इलाके में भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा मुख्य मुकाबले में हैं। इन सीटों पर मुस्लिम वोटर भी बड़ी तादाद में हैं। यह इलाका संवेदनशील भी है। मुजफ्फरनगर दंगों की आंच में झुलस चुका है। तीन तलाक को अवैध करार देने से भाजपा व केंद्र सरकार द्वारा बटोरी गई मुस्लिम महिलाओं की सहानुभूति को भी कम करना इसका मकसद माना जा रहा है। 

इन 11 जिलों में मुस्लिम वोटर महत्वपूर्ण
पहले चरण में जिन 11 जिलों पर कल मतदान होगा, वहां मुस्लिम वोट बैंक निर्णायक है। जानिए किस जिले में कितने मुस्लिम मतदाता हैं: 

जिला  मुस्लिम वोट (%)
मेरठ   34.43
बागपत  27.98 
शामली  41.73
मुजफ्फरनगर 40 
हापुड़    32.39
गाजियाबाद 22.53
नोएडा   13.08 
बुलंदशहर 22.22 
मथुरा  15.2 
आगरा 12 

ओवैसी ने छेड़ा मुस्लिम राग
एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को उस हिजाब पहनी लड़की की जमकर तारीफ की जिसने कर्नाटक के कॉलेज में कुछ युवकों की नारेबाजी के बीच 'अल्लाहू अकबर' का नारा गूंजाया। ओवैसी ने उसकी
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प्रशंसा कर यूपी के मुस्लिम वोटरों को अपनी पार्टी के पक्ष में साधने का प्रयास किया। 

ओवैसी के बाद प्रियंका गांधी ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर हिजाब विवाद को महिलाओं को कुछ भी पहनने की आजादी से जोड़ दिया। इसी क्रम में उन्होंने बिकिनी का भी जिक्र कर दिया, लेकिन हिजाब से बिकिनी तक की आजादी की यह लड़ाई मेल खो बैठी और वह भाजपा नेताओं के निशाने पर आ गईं। हालांकि मुस्लिम महिलाओं व युवतियों को साधने में प्रियंका गांधी ने पूरी कोशिश की है। 

यूपी की जनता सब जानती है: मौर्य
विपक्षी दल जहां हिजाब विवाद को तूल देकर भाजपा को घेरने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगा दिया कि यह विवाद कांग्रेस पैदा कर रही है। कांग्रेस को इसका कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। यूपी की जनता सब जानती है।

हिंदुओं को पहनना पड़ेगा हिजाब : सुनील कुमार
उधर, कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह हिंदुओं को हिजाब पहनाने का कानून लाएगी। राज्य के भाजपा विधायक रेणुकाचार्य ने प्रियंका गांधी के बिकिनी बयान की आलोचना करते हुए दुष्कर्म के बढ़ते मामलों की वजह महिलाओं के वस्त्रों को बता दिया। 

खड़गे की सलाह-विपक्ष राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास न करे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक सरकार से ऐसे संवेदनशील मामले को जल्द निपटाने की सलाह दी। उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि वह इसका राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास न करे। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले को नियमानुसार हल किया जाना चाहिए। 

रोज हो रहे स्कूल-कॉलेजों में विवाद
कर्नाटक में 1 जनवरी से हिजाब पर विवाद तब शुरू हुआ जब एक शिक्षण संस्थान में छह मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर कक्षा में आने से मना कर दिया गया। कॉलेज प्रबंधन ने हिजाब को कॉलेज के ड्रेस कोड के खिलाफ बताया। इसके बाद राज्य के कभी किस कॉलेज में तो कभी किस स्कूल में हिजाब पहने युवतियां के पहुंचने व उनके खिलाफ प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। बहरहाल कर्नाटक हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। तीन दिन के लिए राज्य के स्कूल कॉलेज बंद कर मामले को शांत करने का प्रयास किया गया है। 

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