मेरठ नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह खूब नाटकीय रहा। मेरठ में बसपा की मेयर और कई पार्षदों ने राष्ट्रगीत नहीं गाया तो वहीं अलीगढ़ में उर्दू में शपथ लेने पर बवाल हो गया। गोरखपुर में भी राष्ट्रगीत का जयघोष होने पर किसी ने नहीं दोहराया। इस दौरान मेरठ और अलीगढ़ में जबरदस्त हंगामे, मारपीट, पथराव और लूटपाट के बीच शपथ ग्रहण हुआ। हंगामे और टकराव को किसी तरह पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने नियंत्रित किया।
अलीगढ़ में शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने से पहले ही आयोजन स्थल पर जय श्रीराम, भारत माता की जय और जय भीम आदि के नारे गूंजने लगे थे। नारों के साथ शक्ति प्रदर्शन करने की कवायद चल रही थी। इसी बीच वंदेमातरम के गान के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ।
यह भी पढ़ें: फोन में देखकर भी BJP नेता ने गलत गाया 'वंदे मातरम', सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
उर्दू में शपथ लेने पर पीटने का आरोप
बसपा के पार्षद मुशर्रफ हुसैन महजर द्वारा उर्दू में शपथ लेने पर बखेड़ा खड़ा हो गया। बसपाई-भाजपाई आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जबरदस्त धार्मिक नारेबाजी हुई। इसके बाद नुमाइश मैदान की कृष्णांजलि नाट्यशाला में करीब 45 मिनट के शपथ ग्रहण समारोह के बाद वापस जा रहे महापौर मो. फुरकान की गाड़ी पर पथराव किया गया और उनकी गाड़ी का बोनट पीटा गया। उर्दू में शपथ लेने वाले बसपा पार्षद मुशर्रफ हुसैन महजर का आरोप है कि उन्हें व उनके दलित समुदाय के समर्थकों को पीटा गया। उनके 17 हजार रुपये लूट लिए और उन्हें पिस्टल भी दिखाई गई।
भाजपा ने जिलाधिकारी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग कर डाली। भाजपाइयों ने एसएसपी से मुलाकात कर घटना के संबंध में तहरीर दी है, जबकि बसपा के पार्षद मुशर्रफ हुसैन ने थाना बन्ना देवी में भाजपाइयों के खिलाफ जान से मारने का प्रयास करने, लूट और जातिसूचक शब्द कहने की तहरीर दी है।
मेरठ के सम्मान का हवाला
उधर मेरठ में भाजपाइयों ने समारोह के प्रारंभ में जय श्रीराम के जयकारों के साथ वंदेमातरम का गायन शुरू किया तो सभी भाजपा पार्षदों, नेताओं और कमिश्नर सहित अधिकारियों ने खड़े होकर वंदेमातरम् गाया। लेकिन इस दौरान महापौर सुनीता वर्मा, महापौर पति और अन्य बसपाई कुर्सी से नहीं उठे। वंदेमातरम् और अल्लाह-हू-अकबर के साथ ही जय भीम के खूब नारे लगे। एक बार को माहौल गरमा गया। इस दौरान जहां कुछ मुस्लिम महिला पार्षदों ने तिरंगा लहराया, तो कमिश्नर ने हूटिंग कर रहे लोगों को नसीहत देते हुए मेरठ के सम्मान का हवाला दिया। करीब बीस मिनट बाद शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो सका।
समारोह में राष्ट्रगान का अपमान
मेरठ में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रगीत वंदेमातरम् का ही अपमान करने का प्रयास नहीं किया गया बल्कि राष्ट्र गान के समय न तो सभी लोग खड़े ही हुए, और न ही सभी ने राष्ट्रगान गाया। भाजपाइयों ने शपथ ग्रहण समारोह में जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए कहा कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदेमातरम कहना होगा।