ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को लगातार चौथे दिन, भाजपा विधायक द्वारा धान की खरीद में कथित कुप्रबंधन को लेकर विधानसभा के अंदर आत्महत्या का प्रयास किए जाने का मामला गूंजा। विधानसभा अध्यक्ष एसएन पात्रो ने सत्तारूढ़ बीजद सदस्यों और विपक्षी दलों के विरोध के मद्देजनर सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित कर दी।
सुबह साढ़े दस बजे जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, बीजद और विपक्षी दलों के विधायक सदन में आसन के करीब आकर नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते गतिरोध उत्पन्न हुआ। सत्तापक्ष के सदस्यों ने विधानसभा के अंदर आत्महत्या का प्रयास करने के लिये भाजपा विधायक से माफी मांगने को कहा।
बीजू जनता दल (बीजद) सदस्यों का कहना था कि देवगढ़ से भाजपा विधायक सुभाष पाणिग्रही द्वारा आत्महत्या का प्रयास किये जाने से राज्य और सदन की छवि खराब हुयी है। सत्ता पक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा, 'जब तक पाणिग्रही माफी नहीं मांग लेते, हम सदन नहीं चलने देंगे।'
नेता प्रतिपक्ष पीके नाइक ने बीजद सदस्यों की मांग को दरकिनार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को धान की खरीद में हुए कुप्रबंधन के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने भी सदन के आसन के नजदीक आकर विरोध जताया और सभी किसानों से धान खरीदने की मांग की।
कांग्रेस के सचेतक ताराप्रसाद बहिनीपति ने कहा, 'जब तक किसानों की शिकायतें नहीं सुनी जातीं, हम विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।' गतिरोध चलते देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित कर दी।