20 दिसंबर 2018 को गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें 10 एजेंसियों को यह अधिकार देने को कहा गया था कि वह किसी भी कंप्यूटर का डाटा एक्सेस कर सकती हैं। यह कार्य इंटरसेप्शन,मॉनिटरिंग व डिक्रिप्शन के मकसद से किया जाना है। इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जासूसी करने का आरोप लगाया है।
इसके जवाब में सरकार ने तर्क दिया कि ताजा आदेश में कुछ नया नहीं है। पूर्व की मनमोहन सरकार ने ही एजेंसियों को इसका अधिकार दिया था। विशेष बात यह है कि केंद्र सरकार के आदेश में जिन 10 एजेंसियों को अधिकृत किया गया है, 2013 की आरटीआई के जवाब में गृह मंत्रालय ने भी उन्हीं 10 एजेंसियों का जिक्र किया था।