बांग्लादेश के इस्कॉन राधाकांत मंदिर पर हमले के मामले में आरएसएस ने बांग्लादेश सरकार पर निशाना साधा है।आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने शनिवार को इस घटना की निंदा करते हुए भारत सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार अल्पसंख्यक हिंदुओं की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
कांग्रेस और अन्य सभी विपक्षी दलों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सभी को धर्म और जाति की राजनीति से उपर उठकर बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं पर हुए हमलों की निंदा करनी चाहिए। साथ ही पड़ोसी देशों पर इस तरह के अत्याचारों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए दबाव बनाने में भारत सरकार के साथ शामिल होना चाहिए। इस दौरान मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक और मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने मुस्लिम समाज से हमले की निंदा करने का आह्वान भी किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता ने कहा कि पिछले नौ सालों से बांग्लादेश में हर त्योहार पर हिंदुओं को एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत निशाना बनाया जाता है। इस दौरान उन्होंने कुछ घटनाओं का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साल नवरात्रि के दौरान हमले किए गए। तब हिंदुओं के लगभग 200 घर जलाए गए। दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ की गई और अब ढाका में इस्कॉन मंदिर पर भी हमला किया गया।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करने में प्रधान मंत्री शेख हसीना सरकार पूरी तरह से विफल रही है। जो कि भयावह स्थिति है। भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि पड़ोसी देश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। जिसके कारण वहां हिंदुओं की आबादी 1971 में 29 फीसदी से घटकर 9 फीसदी रह गई है।
खबरों के मुताबिक, हाजी सैफुल्ला के नेतृत्व में 200 से अधिक लोगों की भीड़ द्वारा गुरुवार शाम ढाका के वारी में 222 लाल मोहन साहा स्ट्रीट पर इस्कॉन राधाकांत मंदिर में हमला किया गया था। इस दौरान कट्टरपंथियों ने मंदिर में तोड़फोड़ की और लूटपाट की।
पिछले साल भी हुई थी हिंसा
गौरतलब है कि पिछले साल भी बांग्लादेश के कोमिला शहर में नानूर दिघी झील के पास एक दुर्गा पूजा पंडाल में कथित रूप से कुरान को अपवित्र किए जाने की खबर फैलने के बाद हिंसा भड़कने के बाद कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले ढाका के टीपू सुल्तान रोड और चटगांव के कोतवाली में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं।
बांग्लादेश में 9 साल के भीतर हिंदुओं पर लगभग 4000 हमले
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था एकेएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि 9 साल के भीतर बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर लगभग 4000 बार हमले हुए। इनमें से तो 1678 केवल धार्मिक मामले थे। इसके अलावा अन्य अत्याचार की घटनाएं भी सामने आईं।