राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून लाने के कर्नाटक सरकार के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा है कि धर्म परिवर्तन से समाज में संघर्ष पैदा होता है और इससे देश की एकता व अखंडता को खतरा पैदा होता है।
आरएसएस के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक कुमार ने कहा, लव जिहाद को प्रतिबंधित करने के लिए कानून लाने की राज्य सरकार की योजना का भी समर्थन किया। कर्नाटक की भाजपा सरकार राज्य विधानमंडल के जारी शीतकालीन सत्र में धर्मांतरण रोधी विधेयक पेश कर सकती है। प्रस्तावित कानून में दंडात्मक प्रावधान होने की उम्मीद है। यह इस बात पर भी जोर दे सकता है कि जो लोग कोई अन्य धर्म अपनाना चाहते हैं, उन्हें दो महीने पहले उपायुक्त के समक्ष आवेदन दायर करना होगा।
इसके साथ ही, धर्म परिवर्तन का इच्छुक व्यक्ति अपने मूल धर्म और आरक्षण सहित इससे जुड़ी सुविधाओं या लाभों को खो सकता है। हालांकि उसे उस धर्म के लाभ प्राप्त होने की संभावना है, जिसमें वह धर्मांतरित होता है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस तरह के कानून की आवश्यकता है, आरएसएस नेता ने कहा, जब कोई अपनी पहचान (धर्म) छिपाता है, किसी लड़की को प्यार के बहाने धोखे से फंसाता है, उससे शादी करता है और बाद में उसके साथ हिंसा तथा क्रूरता करता है, तो यह लव जिहाद है।
उन्होंने कहा, ‘लव जिहाद’ मानवीय रिश्तों का दुश्मन है। जब लोग इस तरह की अमानवीय गतिविधियों में लिप्त होना बंद नहीं करेंगे तो कानून बनाना होगा। कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री वी सुनील कुमार ने 13 दिसंबर को कहा था कि आने वाले दिनों में ‘लव जिहाद’ पर रोक लगाने वाला कानून भी लाया जाएगा।