फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुलडोजर एक्शन: आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार बोले- मुसलमानों के खिलाफ नहीं बल्कि अपराधियों पर की जा रही है कार्रवाई

Wed, 20 Apr 2022 10:30 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

हाल ही में कुछ धार्मिक जुलूसों में हुई हिंसा के दौरान हुई घटनाओं को लेकर इंद्रेश कुमार ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष शांति का सूत्र यह है कि अपने धर्म का पालन करिए और दूसरों के धर्मों का सम्मान।
विज्ञापन
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कई भाजपा शासित राज्यों में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोपियों के घरों को बुलडोजर से ढहाने की कार्रवाई की जा रही है। इसे लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने बुधवार को कहा कि यह कार्रवाई किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि अपराधियों के खिलाफ की जा रही है। 

विज्ञापन


इंद्रेश कुमार ने कहा कि धर्म के नाम पर अपराधियों का बचान करने की कोई जरूरत नहीं है। शांति स्थापित हो सके इसके लिए उन्हें एक सबक सिखाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई यह कहता है कि 'बुलडोजर एक्शन' मुसलमानों के खिलाफ है तो यह एक 'हेट स्पीच' है और संविधान विरोधी आरोप है।

बुलडोजर पॉलिटिक्स को बताया संवैधानिक कार्रवाई
महाराष्ट्र के पुणे में मीडिया से बात करते हुए कुमार ने केंद्र और राज्यों से सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए दिशानिर्देश बनानने की मांग की। भाजपा शासित कुछ राज्यों में चल रही'बुलडोजर पॉलिटिक्स' और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कहीं भी यह नहीं माना जा रहा है कि कार्रवाई असंवैधानिक है
विज्ञापन


'बुलडोजर पॉलिटिक्स' से मतलब कथित अपराधियों की संपत्तियों को बुलडोजर से ढहाने की कार्रवाई से है। हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने खरगोन शहर में हुए दंगों में संलिप्त आरोपियों की संपत्तियों को ढहाया था। इंद्रेश कुमार ने कहा कि जो इस कार्रवाई को असंवैधानिक कह रहे हैं वो लोग कानून-व्यवस्था की स्थिति से नावाकिफ हैं।

'जो अपराध में शामिल हैं उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए'
आरएसएस नेता ने कहा, 'बुलडोजर कार्रवाई मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं है। यह उन लोगों के खिलाफ है जो किसी अपराध में शामिल रहे हैं और ऐसे लोगों को सजा मिलनी ही चाहिए। क्या हमें धर्म के नाम पर इस देश में अपराधियों का बचाव करना चाहिए या फिर हमें उन्हें सबक सिखाना चाहिए जिससे क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके?'

उन्होंने आगे कहा कि धर्म संसद जैसे कार्यक्रमों में विवादित बयान देने पर कुछ धार्मिक नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। कुमार ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने स्थिति को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश की थी लेकिन इसके बाद भी भाजपा ने दो तिहाई बहुमत के साथ विशाल जीत हासिल की।

वहीं, हाल ही में कुछ धार्मिक जुलूसों में हुई हिंसा के दौरान हुई घटनाओं को लेकर इंद्रेश कुमार ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष शांति का सूत्र यह है कि अपने धर्म का पालन करिए और दूसरों के धर्मों का सम्मान। अगर संभव हो तो अन्य धर्मों के त्योहारों में भी हिस्सा लीजए। मैं सबसे अपील करता हूं कि इस तरह के सभी हमलों की कड़ी निंदा करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें